मृत्युंजय सिंह गौतम
जमशेदपुर: जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डीडी बार (DD Bar) में हुए विवाद के दौरान प्रत्यूष आनंद को चापड़ मारकर घायल कर देने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद से उनका परिवार गहरे सदमे में है।
इस कठिन समय में जब प्रत्यूष कोलकाता के अपोलो अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं, तब, गुरुवार देर रात अस्पताल में मानवता की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली जिसने सभी का दिल जीत लिया।
आधी रात को अस्पताल पहुंचे दिग्गज नेता
बिना किसी पूर्व सूचना के झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बन्ना गुप्ता, ईचागढ़ के पूर्व लोकप्रिय विधायक अरविंद सिंह (मलखान सिंह) के साथ अचानक कोलकाता के अपोलो अस्पताल पहुंचे।
उनके साथ रांची के मनोज सिंह और मानगो के उपेंद्र सिंह उर्फ मस्तान सिंह सिंह भी मौजूद थे।
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में अचानक इन वरिष्ठ नेताओं को देखकर परिवार के सदस्य अवाक रह गए।
प्रत्यूष के परिजनों ने बताया कि जिस समय वे बेहद कठिन दौर से गुजर रहे हैं, ऐसे में इन नेताओं का साथ उनके लिए किसी बड़े संबल से कम नहीं है।
राजनीति से ऊपर इंसानियत का रिश्ता
प्रत्यूष के परिवार ने भावुक होकर कहा कि जिस समय मेरा बेटा जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहा है और हमारा परिवार पूरी तरह टूट चुका है, उस समय अलग-अलग राजनीतिक विचारधारा के ये दोनों वरिष्ठ नेता आधी रात को हमारे साथ खड़े थे। यह पल हमें एहसास कराता है कि राजनीति से कहीं बड़ा इंसानियत का रिश्ता होता है।”
संकट के समय जो साथ दे, वही अपना
परिजनों ने आगे कहा कि बन्ना गुप्ता और अरविंद सिंह (मलखान सिंह) ने न केवल प्रत्यूष की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली, बल्कि पूरे परिवार को मानसिक संबल प्रदान किया।
उन्होंने इसे एक ऐसा आत्मीय व्यवहार बताया जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
परिजनों ने हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा किसंकट के समय जो बिना बुलाए आपके दरवाजे पर खड़ा हो जाए, वही वास्तव में अपना होता है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि आप दोनों सदैव स्वस्थ और दीर्घायु रहें।
उल्लेखनीय है कि जमशेदपुर के बिष्टुपुर इलाके के चर्चित डीडी बार में हाल ही में एक विवाद हुआ था।
आरोप है कि इस दौरान प्रत्यूष आनंद को थप्पड़ मारा गया था, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस घटना के बाद से ही प्रत्यूष का इलाज चल रहा है, और इस मामले ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।


