जमशेदपुर: विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर से स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने की घटना के विरोध में रविवार को जमशेदपुर में ऑल इंडिया स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन (AISO) ने विरोध प्रदर्शन किया।
छात्र-छात्राओं ने शहर में रैली निकालकर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि शांतिपूर्ण ढंग से आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
रैली के दौरान छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाने, परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार हो रहे पेपर लीक से देशभर के लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है, लेकिन सरकार प्रभावी कदम उठाने में असफल साबित हुई है।
छात्र नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बचाने के लिए ठोस सुधारात्मक कदम उठाना आवश्यक है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। हालांकि AISO के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
