जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दलमा अब पर्यटकों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया अनुभव देने के लिए तैयार है। दलमा के माकुलाकोचा में अत्याधुनिक इको रेस्ट हाउस का निर्माण पूरा हो चुका है।
वन विभाग जल्द ही इसका उद्घाटन कर इसे पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी में है। प्राकृतिक हरियाली और पहाड़ी वातावरण के बीच बना यह रेस्ट हाउस दलमा पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नवनिर्मित इको रेस्ट हाउस में 15 आधुनिक कमरे तैयार किए गए हैं, जिन्हें पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। परिसर के सामने आकर्षक फाउंटेन भी बनाया गया है, जो रात के समय रंग-बिरंगी रोशनी के बीच इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देगा।
वन विभाग का मानना है कि यह परिसर परिवारों, प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर पसंद पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।
इधर, दलमा टॉप स्थित पिंडराबेड़ा में भी 15 कमरों वाले एक और आधुनिक इको रेस्ट हाउस का निर्माण अंतिम चरण में है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका अनूठा हैंगिंग डिजाइन होगा।
रेस्ट हाउस का एक हिस्सा पहाड़ से बाहर की ओर निकला रहेगा, जिससे पर्यटक ऊंचाई से प्राकृतिक घाटियों का रोमांचक नजारा देख सकेंगे। माकुलाकोचा और पिंडराबेड़ा की दोनों परियोजनाओं पर लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत खर्च की जा रही है।
दलमा की प्रभागीय वन पदाधिकारी (डीएफओ) सबा आलम अंसारी ने बताया कि माकुलाकोचा का इको रेस्ट हाउस पूरी तरह तैयार हो चुका है और जल्द ही इसे आम पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। वहीं, पिंडराबेड़ा परियोजना का निर्माण भी तेजी से अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करना है। रेस्ट हाउस के संचालन की जिम्मेदारी इको विकास समिति को सौंपी जाएगी, जिससे आसपास के युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने आधारभूत ढांचे को भी मजबूत किया है। चाकुलिया से माकुलाकोचा स्थित दलमा के मुख्य प्रवेश द्वार तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क पर लगभग सात लाख रुपये की लागत से पेवर्स ब्लॉक बिछाए गए हैं।
इससे बरसात में होने वाली फिसलन की समस्या काफी हद तक दूर हो गई है और पर्यटकों का आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम हो गया है।
वन विभाग को उम्मीद है कि आधुनिक इको रेस्ट हाउस, बेहतर सड़क संपर्क और विकसित पर्यटन सुविधाओं के चलते आने वाले समय में दलमा में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इससे न केवल दलमा पर्यटन को नई गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

