संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी ट्रेसिंग
भागलपुर: बिहार के लगातार दूसरे दिन कोरोना संक्रमण का मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। पहले एक 66 वर्षीय बुजुर्ग की कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, अब उनकी बेटी भी संक्रमित पाई गई है। दोनों को जेएलएनएमसीएच के कोविड वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है और उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है।
कोरोना संक्रमण के दो जुड़े हुए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पहले 66 वर्षीय बुजुर्ग की कोविड-19 जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जबकि अगले ही दिन उनकी बेटी भी संक्रमित पाई गई।
दोनों मामलों की पुष्टि होते ही स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तेज कर दी है और संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान (कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग) शुरू कर दी है।
दोनों मरीज कोविड वार्ड में भर्ती, हालत स्थिर
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संक्रमित पिता और उनकी लगभग 35 वर्षीय बेटी को बेहतर इलाज एवं निगरानी के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया है।
चिकित्सकों का कहना है कि दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है और लगातार मेडिकल निगरानी में उनका उपचार चल रहा है।
बांका निवासी बुजुर्ग की पहले आई थी पॉजिटिव रिपोर्ट
जानकारी के अनुसार, संक्रमित बुजुर्ग बांका जिले के निवासी हैं और पिछले कुछ दिनों से भागलपुर में अपनी बेटी के घर रह रहे थे। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तिलकामांझी स्थित एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। 16 जुलाई को उनकी आरटी-पीसीआर जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट 18 जुलाई को कोविड-19 पॉजिटिव आई।
पिता की देखभाल के दौरान बेटी भी हुई संक्रमित
जेएलएनएमसीएच के प्राचार्य डॉ. संदीप लाल ने बताया कि बेटी अपने पिता की देखभाल के लिए नियमित रूप से अस्पताल आ रही थीं। इस दौरान उनमें सर्दी और खांसी जैसे लक्षण दिखाई दिए, जिसके बाद 20 जुलाई को उनका आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया गया। जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उन्हें भी कोविड वार्ड में भर्ती कर लिया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई सतर्कता
संक्रमण की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दोनों मरीजों के संपर्क में आए लोगों की पहचान शुरू कर दी है। संभावित संक्रमितों की जांच कराई जा रही है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
बिहार में मामला 22 मार्च 2020 को आया था सामने
बिहार में कोरोना महामारी का पहला मामला 22 मार्च 2020 को सामने आया था, जब राज्य में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद पहली और दूसरी लहर के दौरान राज्य में लाखों लोग संक्रमित हुए और हजारों लोगों की मौत हुई। वर्ष 2021 की दूसरी लहर सबसे अधिक घातक साबित हुई, जब अस्पतालों पर भारी दबाव देखा गया।
व्यापक टीकाकरण अभियान, जांच और जागरूकता के चलते संक्रमण पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया। हालांकि समय-समय पर छिटपुट मामले सामने आते रहते हैं, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग निगरानी और जांच व्यवस्था बनाए रखता है।
