पटना/नई दिल्ली : कथित IRCTC होटल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को लेकर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को फैसला टाल दिया।
अदालत अब 30 सितंबर को तय करेगी कि लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय किए जाएं या नहीं।
अदालत को लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के संबंध में आदेश सुनाना था, लेकिन फैसला टाल दिया गया। अब इस मामले में अदालत 30 सितंबर 2026 को अपना आदेश सुना सकती है।
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कुल 16 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है। इनमें RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती और हेमा यादव समेत अन्य आरोपी शामिल हैं।
क्या है IRCTC होटल घोटाले का मामला?
यह मामला उस अवधि से जुड़ा है, जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच केंद्रीय रेल मंत्री थे। CBI का आरोप है कि इस दौरान रांची और पुरी स्थित दो IRCTC होटलों के संचालन और रखरखाव का ठेका देने में नियमों की अनदेखी की गई और टेंडर प्रक्रिया में कथित तौर पर हेरफेर किया गया। आरोप है कि इसका लाभ एक निजी कंपनी को पहुंचाया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, कथित तौर पर ठेका दिलाने के बदले करीब तीन एकड़ की बहुमूल्य जमीन एक बेनामी कंपनी के माध्यम से हासिल की गई। ED ने इसी कथित लेन-देन को मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से जोड़ा है। हालांकि, आरोपों से जुड़े सभी पक्षों ने इन्हें खारिज किया है।
2004 से 2009 के बीच का है मामला
कथित IRCTC होटल घोटाले का मामला उस अवधि से संबंधित है, जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 तक केंद्रीय रेल मंत्री थे। CBI का आरोप है कि इस दौरान रांची और पुरी स्थित IRCTC के दो होटलों के संचालन और रखरखाव का ठेका देने में कथित तौर पर नियमों की अनदेखी की गई।
जांच एजेंसी के मुताबिक, टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के जरिए एक निजी कंपनी को होटल संचालन का ठेका दिलाया गया। इसके बदले लाभ पहुंचाने और जमीन के लेन-देन से जुड़े आरोप मामले की जांच का प्रमुख हिस्सा हैं।
ED ने 16 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की है चार्जशीट
ED ने इस मामले में लालू यादव और उनके परिवार के सदस्यों समेत 16 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। अदालत के सामने अब मुख्य सवाल यह है कि जांच एजेंसी की ओर से पेश सामग्री आरोप तय करने के लिए पर्याप्त है या नहीं। शनिवार को आदेश टलने के बाद इस मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख 30 सितंबर हो गई है।
गौरतलब है कि इसी कथित IRCTC घोटाले से जुड़े CBI के मूल भ्रष्टाचार मामले में अक्टूबर 2025 में राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी से संबंधित आरोप तय किए थे। सभी आरोपियों ने अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार किया है।
दिल्ली हाईकोर्ट में भी मामला लंबित
लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की ओर से ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। उनकी याचिकाएं अभी लंबित हैं। लालू परिवार लगातार इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताता रहा है। परिवार का कहना है कि IRCTC होटल परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी थी और किसी तरह की अनियमितता नहीं हुई।
अब सभी की नजर 30 सितंबर को राउज एवेन्यू कोर्ट के आदेश पर है। उस दिन स्पष्ट होगा कि ED के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय होते हैं या उन्हें राहत मिलती है।