मध्य प्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट

भोपाल, 6 जून (आईएएनएस)। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही मध्य प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 6 और 7 जून के लिए राज्य के कई जिलों में गरज-चमक, आंधी, ओलावृष्टि और तेज हवाओं को लेकर ताजा चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग के अनुसार, शाम और रात के समय मौसम गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। कई इलाकों में बिजली गिरने, तेज बारिश और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, विदिशा, रायसेन (भीमबेटका और सांची सहित), नर्मदापुरम (पचमढ़ी), हरदा, खंडवा (ओंकारेश्वर) और शहडोल जिलों में मध्यम स्तर की गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

इसके अलावा श्योपुर (कूनो नेशनल पार्क), देवास, सीहोर, मुरैना, राजगढ़, उज्जैन (महाकालेश्वर), शिवपुरी, आगर, शाजापुर, इंदौर, खरगोन, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, भोपाल (बैरागढ़), नरसिंहपुर, सागर, सतना (चित्रकूट), मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में हल्की गरज-चमक के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

पिछले 24 घंटों के दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कुछ स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। भोपाल में 22.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि सांवेर में 17 मिमी, बदनावर में 12.2 मिमी और रतलाम में 12 मिमी बारिश हुई।

तेज हवाओं का असर भी देखने को मिला। सीहोर में 48 किमी प्रति घंटा, आगर में 44 किमी प्रति घंटा और सतना में 56 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।

मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व उत्तर प्रदेश, झारखंड तथा पंजाब के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण तंत्र, पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ से दक्षिण ओडिशा तक फैली ट्रफ लाइन के कारण राज्य में मौसम अस्थिर बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिम मानसून भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।

आईएमडी के अनुसार अगले कुछ दिनों तक बारिश और आंधी का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक के दौरान घरों के अंदर रहने, खुले मैदानों, पेड़ों और जलाशयों से दूर रहने तथा ढीली वस्तुओं को सुरक्षित रखने की सलाह दी है।

वहीं किसानों से फसल की कटाई, मड़ाई और सुखाने का कार्य फिलहाल टालने, खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने तथा खड़ी फसलों और कृषि ढांचों को तेज हवाओं से सुरक्षित रखने की अपील की गई है। पशुपालकों को भी अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।

डीएससी

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