23 मई का मामला, रविवार को ऊषा मुर्मू ने ली अंतिम सांस
इलाज के दौरान कोई सहायता नहीं मिली, परिजनों में आक्रोश
पुलिस और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद हुआ अंतिम संस्कार
पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम थाना क्षेत्र स्थित सीमागोड़ा गांव का मामला
पटमदा : पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम थाना क्षेत्र स्थित सीमागोड़ा गांव में 23 मई को हुए दर्दनाक सड़क हादसे का दुखद अंत रविवार को तब हुआ, जब गंभीर रूप से घायल महिला ऊषा मुर्मू ने रांची स्थित रिम्स में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। मुआवजे की मांग को लेकर परिवार ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस और जनप्रतिनिधियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, 23 मई की रात करीब 12 बजे आसनबनी-पटमदा मुख्य सड़क पर एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर 33 हजार वोल्ट के बिजली पोल को तोड़ते हुए संकरी हेंब्रम के घर में घुस गया था। हादसे के समय घर के आंगन में सो रही संकरी हेंब्रम और उनकी बेटी ऊषा मुर्मू गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तत्काल एमजीएम अस्पताल पहुंचाया गया। ऊषा की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया गया था।
करीब एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद रविवार को ऊषा मुर्मू ने अंतिम सांस ली। पोस्टमार्टम के बाद देर रात उनका शव तुंगबुरू गांव पहुंचा। शव गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन तथा वाहन मालिक के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि हादसे के बाद पीड़ित परिवार की किसी स्तर पर सुध नहीं ली गई और न ही इलाज के दौरान कोई सहायता प्रदान की गई।
मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया। मामले की सूचना मिलने पर विधायक प्रतिनिधि चन्द्रशेखर टुडू और जिला पार्षद प्रदीप बेसरा ने पुलिस प्रशासन से संपर्क किया। सोमवार सुबह बोड़ाम और पटमदा थाना प्रभारी गांव पहुंचे और ग्रामीणों के साथ वार्ता की। बातचीत के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि दुर्घटना के बाद एक सप्ताह तक कोई अधिकारी परिवार से मिलने नहीं पहुंचा।
वार्ता के दौरान विधायक प्रतिनिधि ने सरकारी प्रावधान के तहत चार लाख रुपये मुआवजा दिलाने और वाहन मालिक से भी उचित क्षतिपूर्ति सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया। साथ ही अंतिम संस्कार के लिए तत्काल 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा वाहन मालिक को बोड़ाम थाना बुलाकर मुआवजे के संबंध में बातचीत कराने का भरोसा दिया गया। आश्वासन मिलने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
बताया जाता है कि लगभग 40 वर्षीय ऊषा मुर्मू 23 मई को ही अपने मायके सीमागोड़ा आई थीं। उसी रात हुए हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मौत हो गई। उनके परिवार में पति, दो बेटियां और एक बेटा हैं। बड़ी बेटी 12वीं, छोटी बेटी आठवीं और बेटा पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। ऊषा की असमय मौत से परिवार पर दुखों का गहरा संकट आ गया है।

