मझगांव। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत सादोमसाई गांव में शनिवार तड़के एक युवक पर दो भालुओं ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना सुबह करीब 4:30 बजे की है, जब ढुका पुरती शौच के लिए घर से निकलकर गांव के समीप नदी किनारे गया था। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे दो भालुओं ने अचानक उस पर हमला बोल दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, जान बचाने के लिए ढुका पुरती ने साहस दिखाते हुए भालुओं का मुकाबला किया। करीब 10 से 15 मिनट तक संघर्ष चलता रहा, लेकिन इस दौरान भालुओं ने उसके सिर, नाक, कान, चेहरे, पीठ और हाथ सहित शरीर के कई हिस्सों को बुरी तरह नोच डाला। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी और जोर-जोर से चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर भालू झाड़ियों की ओर भाग गए।
चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण प्रदीप बिरुवा, मनोरंजन पुरती और चोंग पुरती मौके पर पहुंचे। तब तक ढुका गंभीर रूप से घायल हो चुका था। घटना की सूचना मिलते ही पंचायत मुखिया लक्ष्मी पिंगुवा और पंपस सदस्य सरोज बिरुवा भी घटनास्थल पर पहुंचीं। दोनों जनप्रतिनिधियों ने तत्परता दिखाते हुए घायल युवक को निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मझगांव पहुंचाया।
अस्पताल में प्रभारी चिकित्सक डॉ. सनातन चातार समेत स्वास्थ्यकर्मियों हरदेव सिंकु, राम होनहागा, शांति सुमन सोरेंग और उषा कंडुलना ने प्राथमिक उपचार करते हुए घायल के शरीर पर कई टांके लगाए। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, चाईबासा रेफर कर दिया गया है। चिकित्सकों के अनुसार युवक की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, भालुओं की गतिविधियों पर निगरानी रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो वे वन विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।


