जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम में बालू संकट और मतदाता सूची में कथित अवैध घुसपैठियों के नाम जोड़े जाने की आशंका को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को उपायुक्त राजीव रंजन से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने इन दोनों मुद्दों पर तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की।
पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी के नेतृत्व में महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा तथा जिला अध्यक्ष सत्य तिवारी सहित अन्य नेताओं ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए जिले में कृत्रिम रूप से उत्पन्न रेत संकट पर चिंता जताई। भाजपा नेताओं ने कहा कि रेत की भारी कमी और बढ़ती कीमतों के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) एवं राज्य सरकार की अबुआ आवास योजना के तहत निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि आवास योजनाओं के लाभुकों तथा निजी मकान निर्माण करने वाले आम लोगों को उचित दर पर पर्याप्त मात्रा में रेत उपलब्ध कराई जाए।
नेताओं का आरोप है कि रेत की कृत्रिम कमी के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति धीमी पड़ गई है, जबकि आम नागरिकों को भी काला बाजारी के कारण निर्माण सामग्री महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही है।
डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने आरोप लगाया कि पिछले साढ़े छह वर्षों से जिले में अवैध बालू खनन का कारोबार प्रशासनिक संरक्षण में फल-फूल रहा है।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से स्वर्णरेखा नदी से बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर प्राकृतिक संसाधनों की लूट की जा रही है, जबकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को घर निर्माण के लिए पर्याप्त रेत नहीं मिल पा रही है।
भाजपा नेताओं ने अवैध बालू खनन और जिले से बाहर हो रही तस्करी की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की आशंका भी जताई।
भाजपा नेताओं ने उपायुक्त से आग्रह किया कि नए मतदाता आवेदनों की जांच अत्यंत सतर्कता, पारदर्शिता और गहन सत्यापन के साथ कराई जाए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनी रहे।
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से दोनों मुद्दों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
