August 6, 2026
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शिलांग: केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने युवाओं में बढ़ते नशे की लत के खिलाफ जन आंदोलन का किया आह्वान

शिलांग: केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने युवाओं में बढ़ते नशे की लत के खिलाफ जन आंदोलन का किया आह्वान

शिलांग, 28 मई (आईएएनएस)। युवा मामले और खेल राज्य मंत्री, रक्षा खडसे ने गुरुवार को शिलांग के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) में युवा मामले विभाग के तहत ‘मेरा युवा भारत’ द्वारा आयोजित ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत – पूर्वोत्तर’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, युवाओं में बढ़ते नशे की लत की चुनौती से निपटने के लिए एक सामूहिक और मिशन-मोड दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में 24 आध्यात्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, युवा अधिकारियों, नागरिक समाज के हितधारकों और संस्थागत नेताओं को एक मंच पर लाया गया, ताकि पूर्वोत्तर क्षेत्र में नशा-विरोधी जागरूकता और युवाओं को जोड़ने की पहलों को मजबूत करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया जा सके।

इस कार्यक्रम में युवा मामले विभाग की सचिव पल्लवी जैन गोविल, ‘मेरा युवा भारत’ की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला, और आईआईएम शिलांग की निदेशक प्रो. नलिनी प्रभा त्रिपाठी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।

सभा को संबोधित करते हुए, रक्षा खडसे ने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है। 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं को सही दिशा दिखाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, “हमें सामूहिक रूप से ‘नशा मुक्त अभियान’ को मिशन-मोड में आगे बढ़ाना चाहिए। हमारे युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्हें सही दिशा दिखाना हमारी साझा जिम्मेदारी है। यदि हम उन्हें सकारात्मक मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करते हैं, तो हम निश्चित रूप से ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे।”

नशे की लत और इसके दुरुपयोग की गंभीरता को रेखांकित करते हुए, मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे को केवल एक व्यक्तिगत चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक चिंता के रूप में देखा जाना चाहिए, जिसके समाधान के लिए समन्वित सामुदायिक प्रयासों और निरंतर संस्थागत हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

‘मेरा युवा भारत’ की भूमिका का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि इस मंच की परिकल्पना युवाओं को राष्ट्र-निर्माण की पहलों से जोड़ने और जमीनी स्तर पर सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने युवा अधिकारियों और सहयोगी संगठनों से आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि ‘मेरा युवा भारत’ की पहलें देश के हर जिले और समाज के हर वर्ग तक पहुंचें।

रक्षा खडसे ने खेल के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे एक परिवर्तनकारी सामाजिक शक्ति बताया। उन्होंने खेल के माध्यम से युवाओं को नशे की लत, तनाव तथा सामाजिक अलगाव जैसी समस्याओं से दूर करने की बात कही।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “खेल युवाओं की ऊर्जा को एक रचनात्मक दिशा में लगाने के सबसे प्रभावी माध्यमों में से एक बन सकते हैं। पूर्वोत्तर के राज्यों के साथ-साथ झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और गोवा में पहले से ही एक मजबूत खेल संस्कृति मौजूद है। हमें ज्यादा से ज्यादा युवाओं को खेलों, स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों और सकारात्मक सामुदायिक जुड़ाव से जोड़ना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में युवाओं की बढ़ती भागीदारी उन्हें रचनात्मक सामाजिक जुड़ाव और सामूहिक जिम्मेदारी की ओर निर्देशित करने का एक अवसर प्रदान करती है।

इस अवसर पर आईआईएम शिलांग की निदेशक प्रो. नलिनी प्रभा त्रिपाठी ने कहा कि खेल और प्रबंधन शिक्षा मिलकर जिम्मेदार नागरिक और भविष्य के नेता गढ़ने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल तनाव और चिंता को कम करने में मदद करते हैं, साथ ही युवाओं में अनुशासन, टीम वर्क और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं।

उन्होंने कहा कि आईआईएम शिलांग युवाओं में सकारात्मक सामाजिक और भावनात्मक विकास सुनिश्चित करने के लिए खेलों, योग, ध्यान, सांस्कृतिक गतिविधियों और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में छात्रों की भागीदारी को लगातार प्रोत्साहित करता है।

प्रतिभागियों से नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ राजदूत के रूप में उभरने का आह्वान करते हुए, प्रो. त्रिपाठी ने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यक्रम के दौरान हुए विचार-विमर्श और संवाद राष्ट्रीय नशा-विरोधी आंदोलन को मजबूत करने की दिशा में सार्थक योगदान देंगे।

कार्यक्रम के दौरान, ‘मेरा युवा भारत’ पोर्टल, ‘मेरा युवा भारत’ की संस्थागत पहलों और नशा-मुक्ति तथा युवा आउटरीच के क्षेत्र में काम कर रहे संगठनों द्वारा अपनाई जा रही सर्वोत्तम प्रथाओं पर प्रस्तुतियां भी दी गईं।

कार्यक्रम का समापन ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण के अनुरूप, एक नशा-मुक्त, स्वस्थ और सामाजिक रूप से सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में युवाओं के नेतृत्व वाले प्रयासों को मजबूत करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

पीएके

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