जमशेदपुर: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) जमशेदपुर के बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र मीर तनवीर हसन का शव गुरुवार सुबह सोनारी स्थित दोमुहानी क्षेत्र से बरामद कर लिया गया। आसंगी चेकडैम में डूबने के बाद पिछले चार दिनों से चल रहे सर्च अभियान के समाप्त होने के साथ ही परिजनों और सहपाठियों का इंतजार तो खत्म हुआ, लेकिन पूरे संस्थान में शोक की लहर फैल गई।
जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले के निवासी मीर तनवीर हसन रविवार को अपने कुछ दोस्तों के साथ आरआईटी के समीप खरकाई नदी स्थित आसंगी चेकडैम में नहाने गए थे। इसी दौरान वह अचानक गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में डूब गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर व्यापक खोज अभियान शुरू किया।
चार दिनों तक नदी के अलग-अलग हिस्सों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया। गुरुवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने सोनारी के दोमुहानी क्षेत्र से छात्र का शव बरामद किया।
सूचना मिलने के बाद परिजन और एनआईटी जमशेदपुर के कई छात्र मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मीर तनवीर हसन एनआईटी जमशेदपुर में बीटेक चौथे वर्ष के छात्र थे। उनकी असामयिक मृत्यु से कॉलेज परिसर में शोक का माहौल है। शिक्षकों और सहपाठियों ने उन्हें मेधावी, विनम्र और मिलनसार छात्र बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस दर्दनाक घटना के बाद छात्रों ने नदी, चेकडैम और अन्य जलाशयों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है।
उनका कहना है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा बैरिकेडिंग, निगरानी व्यवस्था और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।