टाटा स्टील ने ICSPB 2026 का किया शुभारंभ, सस्टेनेबल स्टील मेकिंग पर होगा मंथन
जमशेदपुर। सस्टेनेबल स्टील निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में टाटा स्टील ने गुरुवार को सिंटरिंग, पेलेटाइजिंग एवं ब्रिकेटिंग पर दूसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (ICSPB) 2026 का उद्घाटन किया। यह दो दिवसीय सम्मेलन 29 और 30 जनवरी को अल्कोर होटल, जमशेदपुर में आयोजित किया जा रहा है।
भारतीय धातु संस्थान (IIM) जमशेदपुर चैप्टर और पेलेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (PMAI) के सहयोग से आयोजित इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में देश-विदेश से आए उद्योग विशेषज्ञ, शोधकर्ता और वैश्विक विचारक आयरन ओर की तैयारी और भविष्य की तकनीकों पर विचार-विमर्श करेंगे।
सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि चैतन्य भानु, वाइस प्रेसिडेंट, टीएसजे ऑपरेशंस, टाटा स्टील (चेयरमैन, ICSPB 2026) ने किया। इस अवसर पर सुरजीत सिन्हा, चीफ एग्लोमेरेट्स एंड आयरन, टाटा स्टील (को-चेयरमैन, ICSPB 2026), पुनीत आर्या, प्रेसिडेंट, PMAI तथा ब्रिगेडियर अरुण गांगुली, सेक्रेटरी जनरल, IIM ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
उद्घाटन के बाद चैतन्य भानु ने सम्मेलन स्थल पर लगी प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया, जिसमें नई तकनीकों और नवाचारों को प्रदर्शित किया गया है। कार्यक्रम का समापन विपुल कोराने, टाटा स्टील (कन्वीनर, ICSPB 2026) के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
सम्मेलन में डीकार्बोनाइजेशन, परिचालन अनुकूलन और लागत में कमी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही, BF-BOF और DRI तकनीकों से जुड़े पेलेट उत्पादन, उत्सर्जन में कमी और ग्रीन स्टील निर्माण को लेकर गहन चर्चा की जाएगी।
सम्मेलन के प्रमुख विषयों में शामिल हैं—
एग्लोमेरेशन तकनीकों में नवीन प्रगति
उत्सर्जन में कमी के लिए सतत समाधान
BF एवं DRI पेलेट उत्पादन से जुड़ी चुनौतियां
अपशिष्ट उपयोग और ग्रीन स्टील के लिए ब्रिकेटिंग के नए विकल्प
सम्मेलन में आमंत्रित व्याख्यान, तकनीकी सत्र, थीम आधारित ट्रैक, बेंचमार्किंग सत्र और विशेष प्लांट विज़िट का भी आयोजन किया गया है।
इस सम्मेलन में टाटा स्टील, रियो टिंटो, लुलेओ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, स्विनबर्न यूनिवर्सिटी, JSW, AMNS, जिंदल स्टेनलेस सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
ICSPB 2026 को आयरन ओर तैयारी और सस्टेनेबल स्टील निर्माण के क्षेत्र में नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।


