पंचगव्य चिकित्सा और सुरक्षित जीवनशैली पर जोर, जमशेदपुर के बेल्डीह क्लब में 6 अप्रैल को होगा विशेष कार्यक्रम
जमशेदपुर : पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पंचगव्य चिकित्सा और सुरक्षित खाद्य (सेफ फूड) के महत्व पर विस्तार से जानकारी साझा की गई।
पंचगव्य आयुर्विज्ञान संस्थान, डोबो के डायरेक्टर डॉ. मदन सिंह कुशवाहा, समाजसेवी राजन कमानी तथा Maatti Therapeutic Foundation के फाउंडर एवं आर्किटेक्ट डॉ. आकाश सिन्हा ने संवाददाता सम्मेलन में इस विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला।
आयोजकों ने बताया कि 6 अप्रैल 2026 को शाम 7 बजे बिष्टुपुर स्थित बेल्डीह क्लब में “Lifestyle Rejuvenate Through Panchagavya Therapy and Safe Food” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में पंचगव्य चिकित्सा के वैज्ञानिक और व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा होगी।
डॉ. मदन सिंह कुशवाहा ने बताया कि मानव शरीर पंच महाभूत—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से निर्मित है। इन तत्वों का संतुलन बिगड़ने पर विभिन्न बीमारियां उत्पन्न होती हैं। पंचगव्य चिकित्सा इस संतुलन को पुनः स्थापित कर शरीर को स्वस्थ बनाने में सहायक होती है। उन्होंने कहा कि यह पद्धति कई जटिल और असाध्य रोगों में भी लाभकारी साबित हो रही है।
उन्होंने आगे कहा कि प्राकृतिक जीवनशैली अपनाना, गौ-आधारित उत्पादों का उपयोग और सुरक्षित खाद्य का सेवन स्वस्थ जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देना, पंचगव्य चिकित्सा के प्रति जागरूकता फैलाना और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है।
अंत में आयोजकों ने मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए शहरवासियों से 6 अप्रैल को आयोजित कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस केवल एक कार्यक्रम की सूचना नहीं, बल्कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती बीमारियों के बीच पारंपरिक और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने का संदेश भी है।
