सावधान! कहीं आप स्वर्णरेखा की मरी हुई मछलियों को सेवन तो नहीं कर रहे
स्वर्णरेखा का पानी प्रदूषित ही नहीं जहरीला होता जा रहा. प्रदूषित पानी नदी में छोड़ने के कारण स्थिति बेकाबू होती जा रही
जमशेदपुर : जी हां, कहीं आप मरी हुई मछलियों का सेवन तो नहीं कर रहे। कारण यह जमशेदपुर के आसपास से होकर गुजरने वाली स्वर्णरेखा नदी कई क्विंटल मछलियां मर गईं। इतना ही नहीं कई विक्रेताओं ने इन मरी हुई मछलियों को बाजार में बेच दी।
एक अनुमान है कि करीब 5 क्विंटल से ज्यादा मछलियां मृत अवस्था में पाई गईं। विशेषकर भुइंयाडीह नदी किनारे स्लम बस्ती के पास बड़ी संख्या में मृत मछली पाई गई हैं।
मंगलवार सुबह जब बस्ती के लोग नदी के किनारे पहुंचे, तब उन्होंने यह नजारा देखा। एक अनुमान के अनुसार इन मछलियों का वजन लगभग 250 ग्राम से लेकर डेढ़ किलोग्राम तक बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मृत मछलियों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।
बताया जा रहा है कि सुवर्णरेखा नदी का पानी पहले से ही प्रदूषित है। चांडिल डैम से छोड़ा गया पानी करीब 30 किलोमीटर बहने के बाद खरकई नदी से मिलता है, जहां आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला प्रदूषित पानी भी इसमें मिल जाता है। इससे नदी में प्रदूषण का स्तर और बढ़ जाता है, जो मछलियों की मौत का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि मछलियों की मौत पानी में ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई है, तो इनके सेवन से स्वास्थ्य पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। लेकिन अगर किसी रासायनिक प्रदूषण या जहरीले तत्व इसकी वजह हैं, तो ऐसी मछलियों का सेवन लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
प्रशासन की ओर से भी इस दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है। जनप्रतिनिधि भी इस समस्या के प्रति निष्क्रिय है। उन्हें इन समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है।
