धनबाद में भूस्खलन से घर दब गया, कई लोगों के मारे जाने की आशंका
मुख्य बिंदु:
सोनारडीह में अचानक भूस्खलन से घर ढह गया
पांच से छह लोगों के मलबे में दबने की आशंका
भूमि के कमजोर होने के लिए अवैध कोयला खनन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा
धनबाद : धनबाद में अचानक भूस्खलन से एक घर मलबे में दब गया, जिससे विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया और बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।
धनबाद जिले में सोमवार शाम को एक बड़ी घटना घटी। यह घटना सोनारडीह पुलिस स्टेशन के अंतर्गत टुंडाबारी बस्ती में हुई।
शाम लगभग 7 बजे, स्थानीय लोगों ने एक तेज आवाज सुनी। इसके तुरंत बाद, जमीन अचानक फट गई। वहां खड़ा एक घर पूरी तरह से जमीन में धंस गया।
इस बीच, घर के अंदर पांच से छह लोग मौजूद थे। वे ढांचे के साथ दब गए। हालांकि, हताहतों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। हालांकि एक ही परिवार के तीन लोगों के दबे होने की भी चर्चा है।
घटना के बाद ग्रामीण घटनास्थल के पास जमा हो गए। उन्होंने घटना पर आक्रोश व्यक्त किया। कई निवासियों ने आस-पास की सड़कों को अवरुद्ध करके विरोध प्रदर्शन किया।
इसी बीच, जिला मुख्यालय से बचाव और स्वास्थ्य दल घटनास्थल पर पहुंचे। हालांकि, घटनास्थल तक पहुंचना मुश्किल बना रहा। शुरुआत में कोई स्पष्ट मार्ग उपलब्ध नहीं था।
इसके अलावा, प्रभावित क्षेत्र धीरे-धीरे फैलता रहा। इससे आसपास के निवासियों में चिंता बढ़ गई। कई लोग सुरक्षा के लिए इलाका छोड़ने लगे।
दूसरी ओर, भाजपा विधायक शत्रुधन महतो घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने भूस्खलन के लिए अवैध कोयला खनन को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि जमीन नीचे से खोखली हो गई है। इससे सतह की संरचना काफी कमजोर हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि दरार कुछ ही घंटों में और बढ़ सकती है।
इसी बीच, प्रशासनिक दल रांची से घटनास्थल की ओर रवाना हुए। हालांकि, अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में देरी होने की आशंका थी। बचाव दल अभी भी सुरक्षित प्रवेश मार्ग की तलाश कर रहे थे।
इसके अलावा, झारखंड के कोयला क्षेत्र में पहले भी इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। अवैध खनन गतिविधियों के कारण अक्सर भूमिगत खाली जगहें बन जाती हैं। इन स्थितियों से अचानक भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है।
अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और घटनास्थल तक पहुंचने और नुकसान का आकलन करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

