जमशेदपुर के सरजमदा में उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण पर विवाद, महिला ने पुश्तैनी जमीन बताकर रुकवाया काम
जेसीबी मशीन के सामने खड़ी हो गईं महिला और काम बंद हो गया, थाने में भी बात नहीं बनी
ठेकेदार ने निर्माण कार्य में बाधा डालने को लेकर परसुडीह थाने में दर्ज कराई लिखित शिकायत
जमशेदपुर : शहर के परसुडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत सरजमदा में बन रहे उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय महिला ने निर्माण स्थल को अपनी पुश्तैनी जमीन बताते हुए काम रुकवा दिया, जिसके बाद मौके पर हंगामा की स्थिति बन गई।
जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र के सरजमदा नाला के पास उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब सरकारी जमीन पर निर्माणाधीन उप स्वास्थ्य केंद्र का काम अचानक रोक दिया गया।
जानकारी के अनुसार, करीब 55 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्य का स्थानीय महिला जानकी देवी और उनके परिजनों ने विरोध किया। उनका दावा है कि जिस जमीन पर निर्माण हो रहा है, वह उनकी पुश्तैनी संपत्ति है। विरोध के दौरान वे जेसीबी मशीन के सामने खड़ी हो गईं और काम बंद करा दिया।
स्थिति बिगड़ते देख मौके पर परसुडीह पुलिस को बुलाया गया। पुलिस टीम ने पहुंचकर जानकी देवी और उनके परिजनों को थाने ले जाकर मामले को शांत कराने की कोशिश की। इस दौरान महिलाओं ने विरोध भी जताया।
जानकी देवी ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनकी पुश्तैनी जमीन को जानबूझकर सरकारी भूमि बताकर निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी कीमत पर यहां निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।
दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि संबंधित जमीन सरकारी है। खाता संख्या 479 और प्लॉट संख्या 1255 के अंतर्गत कुल 1.01 एकड़ भूमि उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण के लिए चिन्हित की गई है, जिसका बोर्ड भी स्थल पर लगाया गया है।
सरकारी योजना के तहत हर पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हो सकें। इसी क्रम में इस स्थान का चयन किया गया है।
फिलहाल, ठेकेदार ने निर्माण कार्य में बाधा डालने को लेकर परसुडीह थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पूरे मामले की जांच जारी है।
बहरहाल स्थानीय लोगों में एक तबका ऐसा भी है जिन्हें अब सेहत की चिंता सताने लगी है। नाम नहीं छापने की शर्त पर बताते हैं कि उन्हें उम्मीद थी कि अब इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। विशेषकर वैसी स्थिति में जब उनके पास इलाज के पैसे नहीं हैं।
