दो-चार दिनों में ट्रेनों की लेटलतीफी दूर कर जनता में विश्वास जगाएं : सरयू राय
टाटानगर जंक्शन पर ट्रेनों के विलंब को डीआरएम ने माना; कारणों का किया खुलासा, ट्रेनों की लेटलतीफी के आंकड़ों का विश्लेषण होगा, सोमवार को सरयू राय को मिलेगी रिपोर्ट
जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय और चक्रधरपुर डिवीजन के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के बीच रविवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस दौरान टाटानगर जंक्शन से आने-जाने वाली यात्री ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी और इसके विरोध में 7 अप्रैल को प्रस्तावित नागरिक धरना पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में सीनियर डीसीएम, एरिया मैनेजर, डिवीजनल इंजीनियर और आरपीएफ प्रभारी सहित कई रेलवे अधिकारी मौजूद थे। रेलवे अधिकारियों ने स्वीकार किया कि पिछले लंबे समय से टाटानगर जंक्शन पर यात्री ट्रेनें देरी से पहुंच रही हैं। उन्होंने इसके कारणों की जानकारी देते हुए बताया कि समस्या के समाधान के लिए योजनाओं पर काम चल रहा है, लेकिन इन्हें पूरा होने में कुछ महीने लग सकते हैं।
इस पर सरयू राय ने स्पष्ट कहा कि जनता का मुद्दा भविष्य की योजनाएं नहीं, बल्कि वर्तमान समस्या का त्वरित समाधान है। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि अगले दो-चार दिनों में ट्रेनों की लेटलतीफी कैसे दूर की जाएगी और इसके लिए उनके पास क्या ठोस योजना है।
उन्होंने पिछले 3-4 महीनों में टाटानगर जंक्शन पर आने वाली प्रमुख ट्रेनों के विलंब के आंकड़े और उसके कारणों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। राय ने कहा कि रेलवे की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण कर यह बताया जाए कि देरी के कारणों को कैसे दूर किया जा सकता है।
डीआरएम ने इस पर अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिया कि सोमवार तक पूरी रिपोर्ट सरयू राय को उपलब्ध कराई जाए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि ट्रेनों की देरी को रोका जा सकता था या नहीं।
राय ने कहा कि ट्रेनों की लेटलतीफी से आम जनता को भारी परेशानी हो रही है। यदि रेलवे अधिकारी दो-चार दिनों में इस समस्या का ठोस समाधान प्रस्तुत करते हैं, तो जनता का विश्वास बहाल होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर कुछ समय के लिए मालगाड़ियों को रोककर यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे देरी कम हो सकती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक रेलवे अधिकारी अपने दावों को व्यवहार में नहीं उतारते, तब तक उन पर भरोसा करना मुश्किल है। फिलहाल 7 अप्रैल को टाटानगर स्टेशन पर प्रस्तावित धरना अपने निर्धारित समय और स्थान पर ही होगा।
सरयू राय ने सभी जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, छात्र-युवा-महिला समूहों और आम नागरिकों से नागरिक धरना में शामिल होने की अपील की है।
- यह धरना 7 अप्रैल को टाटानगर जंक्शन (टाटानगर रेलवे जंक्शन) पर आयोजित होगा और अपराह्न 10 बजे से शुरू होगा।
धरना का मुख्य कारण:
- पिछले 2–2.5 वर्षों से यात्री ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी।
- ट्रेनें चांडिल, कांड्रा और राखा माइंस तक समय पर पहुँचती हैं, लेकिन वहां से टाटानगर तक आने में 4–6 घंटे की देरी हो रही है।
- इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उद्देश्य:
- इस समस्या को रेल मंत्री तक पहुंचाना।
- ट्रेनों की समयबद्धता सुनिश्चित कराने के लिए समाधान की मांग करना।
