चक्रधरपुर में वीर शहीद रघुनाथ महतो का 248वां शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया
चक्रधरपुर: चुहाड़ विद्रोह के महानायक वीर शहीद रघुनाथ महतो के 248वें शहादत दिवस के अवसर पर झारखंड कुड़मालि भाषा विकास परिषद, राखा (आसनतालिया, चक्रधरपुर) द्वारा एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और स्थानीय लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान के साथ की गई। सर्वप्रथम झंडोत्तोलन किया गया, जिसके बाद शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके साथ ही वीर शहीद रघुनाथ महतो के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उपस्थित लोगों ने उनके बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम का वातावरण कुड़मालि अरदास गीत से भक्तिमय और भावपूर्ण हो उठा।
इस अवसर पर झारखंड कुड़मालि भाषा विकास परिषद द्वारा प्रकाशित “गुरु परछन आखड़ा” नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया। यह पुस्तक कुड़मालि भाषा को रोमन लिपि में प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो भाषा के संरक्षण और प्रसार की दिशा में एक सराहनीय पहल मानी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने वीर शहीद रघुनाथ महतो के योगदान और चुहाड़ विद्रोह में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रघुनाथ महतो का बलिदान आज भी समाज को अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। साथ ही, कुड़मालि भाषा और संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
मौके पर योगेंद्र महतो, अश्विनी महतो, चंडी चरण महतो, आलोक महतो, खगेश्वर महतो, नरेंद्र प्रसाद महतो, श्यामधन महतो, शंभू चरण महतो, अंगद महतो, आशीष महतो, आयुष महतो, अजीत महतो, इंद्रजीत महतो, कैलाश महतो, बकलेश महतो, दिनेश महतो, बलराज कुमार हिंदवार, ओम प्रकाश महतो सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम का समापन शहीदों के आदर्शों को अपनाने और समाज में जागरूकता फैलाने के संकल्प के साथ किया गया।
