सरायकेला में भैरव पूजा के साथ चैत्र पर्व का भव्य आगाज, पारम्परिक ‘परिखण्डा’ नृत्य ने मोहा मन
सरायकेला। जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान माने जाने वाले चैत्र पर्व (छऊ महोत्सव) का विधिवत शुभारंभ रविवार को भैरव पूजा के साथ हो गया। इस अवसर पर नगर स्थित भैरव शाल में विशेष पूजा-अनुष्ठान का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और कला जगत की प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।
पूजा की शुरुआत यजमान के रूप में एसडीओ अभिनव प्रकाश ने की। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी, राजकीय छऊ कला केंद्र के समन्वयक सुदीप कवि तथा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित पूर्व निदेशक तपन पट्टनायक भी उपस्थित रहे।
पूजा के बाद छऊ नृत्य की जननी मानी जाने वाली ‘परिखण्डा’ शैली का मनमोहक प्रदर्शन किया गया। कलाकारों की ऊर्जा, तालमेल और पारंपरिक शस्त्र संचालन की अद्भुत कला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस मौके पर एसडीओ अभिनव प्रकाश ने कहा कि चैत्र पर्व हमारी आस्था का प्रतीक होने के साथ-साथ सरायकेला की समृद्ध कला और संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम है। वहीं, तपन पट्टनायक और सुदीप कवि ने भी इस पर्व की सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
भैरव शाल में आयोजित इस पूजा के साथ ही पूरे क्षेत्र में चैत्र पर्व की धूम शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में विभिन्न छऊ नृत्य मंडलियों द्वारा आकर्षक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
