वॉक पर गजराज: जमशेदपुर में हाथियों के संरक्षण के लिए जन-जागरूकता की अनोखी पहल
दलमा वन्य प्राणी अभयारण्य और टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन
- मुख्य आकर्षणवॉक के दौरान स्कूली बच्चों की विशेष भागीदारीजागरूकता पोस्टर प्रतियोगितापर्यावरण विषयक लघु भाषण और नाटकहाथियों के संरक्षण पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन
जमशेदपुर । वन्यजीव संरक्षण को लेकर आमजन में जागरूकता फैलाने और हाथियों के साथ मानव का शांतिपूर्ण सहअस्तित्व सुनिश्चित करने की दिशा में एक अनूठी पहल करते हुए, दलमा वन्य प्राणी अभयारण्य और टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के संयुक्त तत्वावधान में “वॉक पर गजराज” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह जागरूकता अभियान सोनारी स्थित वन भवन से आरंभ हुआ, जहां डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) सब आलम ने हरी झंडी दिखाकर वॉक का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, कॉलेज छात्र-छात्राएं, पर्यावरण प्रेमी, समाजसेवी, वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और शहर के नागरिक शामिल हुए।
आयोजन का उद्देश्य
इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य निम्नलिखित पहलुओं पर केंद्रित रहा:
हाथियों के संरक्षण के प्रति आम जनता में जागरूकता फैलाना,
मानव और वन्यजीवों के बीच टकराव को कम करना,
पर्यावरणीय संतुलन की अहमियत को समझाना,
युवाओं को प्रकृति और वन्य जीवन से जोड़ना
नारों व पोस्टरों के जरिए दिया गया संदेश
वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने प्रेरणादायक नारे लगाए और रंग-बिरंगे बैनरों व पोस्टरों के माध्यम से हाथियों के महत्व को रेखांकित किया। कुछ प्रमुख नारे इस प्रकार रहे:
“हाथी बचाओ – जंगल बचाओ”
“वन्यजीव संरक्षण है जीवन संरक्षण”
“प्रकृति का संतुलन – मानव का भविष्य”
इन नारों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि हाथी न केवल जंगलों के संरक्षक हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, धर्म और परंपरा में भी उनका विशेष स्थान है।
कार्यक्रम के दौरान DFO सब आलम ने कहा कि दलमा क्षेत्र झारखंड और जमशेदपुर का गौरव है। यह हाथियों का प्राकृतिक आवास है। इन्हें सुरक्षित रखना हम सबकी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। वन विभाग लगातार प्रयास कर रहा है कि इंसानों और हाथियों के बीच सह-अस्तित्व बना रहे, और संघर्ष की स्थिति से बचा जा सके।
उन्होंने स्थानीय समुदायों से अपील की कि वे वन्यजीवों के साथ सहिष्णुता और समझदारी का व्यवहार करें।
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क का योगदान
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के अधिकारियों ने कार्यक्रम को सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का अभियान बताया। उन्होंने कहा कि वॉक पर गजराज’ जैसी पहलें समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाती हैं। भविष्य में हम और भी ऐसे आयोजन करेंगे जिससे नागरिकों, विशेषकर युवाओं में पर्यावरण और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़े।
आखिर में लिया गया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को हाथियों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके पश्चात सभी ने एक संकल्प लिया कि वे:स्वयं वन्यजीव संरक्षण के लिए काम करेंगे, अपने परिवार, मित्रों और समुदाय को भी इसके लिए जागरूक , पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएंगे
