एआई अच्छा सेवक पर मालिक के रूप में खराब है : सरयू राय
जमशेदपुर में डिजिटल क्रांति का नया अध्याय: साकची में ISM रांची सेंटर का भव्य शुभारंभ
जमशेदपुर। लौहनगरी के युवाओं के लिए डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास के नए द्वार खुल गए हैं। सोमवार को साकची स्थित ई-डिजिटल इंडिया स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के परिसर में इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट (ISM), रांची के जमशेदपुर सेंटर का भव्य उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ। यह केंद्र शहर के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा है कि एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एक अच्छा सेवक है, लेकिन यह बेहद खराब मालिक है। हम एआई का इस्तेमाल सेवक के रुप में करें।
अगर हम उसे अपना मालिक या मार्गदर्शक मान लेंगे, तो समस्याएं खड़ी हो जाएंगी। नया युग तकनीकी विकास का है। एआई के बारे में सभी बच्चों को जानकारी देनी चाहिए। जब वो एआई को समझ लेंगे तो उनकी व्यक्तिगत क्षमता बढ़ेगी। विधायक साकची स्थित डिजिटल शिक्षण संस्थान के उद्घाटन के बाद बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि ई डिजिटल शिक्षण संस्थान में एआई के बारे में विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है। उन्हें एआई की विशेषताओं से अवगत कराया जाता है। बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए रांची के इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट के साथ इस सेंटर का समझौता हुआ है। समझौते के अनुसार, इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट की पढ़ाई को एक केंद्र के रूप में साकची में प्रारंभ किया गया है।
सरयू राय ने कहा कि एआई के बारे में जितनी चर्चा होती है, उससे कई बार दहशत पैदा हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हमें एआई को एक औजार या एक इंस्ट्रूमेंट ही समझना चाहिए। इसका इस्तेमाल हमें करना है। हमें इसके योग्य बनना है।
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान दौर में लेटेस्ट तकनीक में निपुणता हासिल करके ही हम अपने कार्यों को सरल, प्रभावी और प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं।
समय की मांग है व्यक्तिगत और तकनीकी विकास : डॉ. अशोक कुमार झा
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित एलबीएसएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार झा ने विधायक सरयू राय के वक्तव्य का समर्थन करते हुए कहा कि आज के समय में एआई (AI) का ज्ञान व्यक्तिगत और राष्ट्रीय प्रगति के लिए अनिवार्य हो चुका है। उन्होंने संस्थान की इस पहल को जमशेदपुर के शैक्षणिक परिदृश्य के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया। समारोह के दौरान ISM रांची की प्राचार्य डॉ. ज्योति और संस्थान के अन्य वरिष्ठ संकाय सदस्यों ने कॉलेज द्वारा संचालित विभिन्न आधुनिक पाठ्यक्रमों और संस्थान के शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्ड की विस्तृत जानकारी साझा की।
शिक्षाविदों और गणमान्य हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही जिसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ दीपंजय श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
इस गौरवशाली अवसर पर शिक्ष हस्तिया कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. दीपंजय श्रीवास्तव (विभागाध्यक्ष, दर्शनशास्त्र विभाग LBSM College) ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन ई-डिजिटल इंडिया के निदेशक रामकृष्ण ठाकुर ने दिया।
समारोह में डॉ. कमलेन्दु, चंदना ठाकुर, हेड ऑफ इंस्टिट्यूट, ई-डिजिटल इंडिया समेत काफी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
सभी अतिथियों ने एक स्वर में इस पहल की सराहना की और इसे जमशेदपुर के युवाओं के लिए करियर निर्माण का एक बेहतरीन मंच बताया। संस्थान का लक्ष्य स्थानीय स्तर पर विश्वस्तरीय डिजिटल प्रशिक्षण प्रदान करना है ताकि यहाँ के युवा वैश्विक जॉब मार्केट के लिए तैयार हो सकें।

