August 29, 2026
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हजारीबाग विष्णुगढ़ के चर्चित हत्याकांड का पुलिस ने किया उद्भेदन, तंत्र-मंत्र के नाम पर मासूम की हत्या, मां भी शामिल

हजारीबाग विष्णुगढ़ के चर्चित हत्याकांड का पुलिस ने किया उद्भेदन, तंत्र-मंत्र के नाम पर मासूम की हत्या, मां भी शामिल

हजारीबाग : हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसुम्बा गांव में हुई 12 वर्षीय मासूम बच्ची की निर्मम हत्या के मामले का पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन कर दिया है। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले और मानवता को शर्मसार करने वाले हैं। पुलिस के अनुसार अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और कथित देवी-पूजा के नाम पर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया, जिसमें मृतिका की मां की भी संलिप्तता पाई गई है।

मामले का खुलासा करते हुए हजारीबाग आईजी एवं पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। घटना की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग पुलिस और रांची पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस ने कई बिंदुओं पर गहन छानबीन की, जिसके बाद जो तथ्य सामने आए, वह बेहद चौंकाने वाले हैं।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गांव की कथित भगतिनी के द्वारा मृतका की मां को बतलाया गया था कि उसकी बेटी के ऊपर देवास यानि कि भूत आया है. साथ ही बेटे के बेहतर सेहत के लिए कुंवारी लड़की की नरबलि देनी होगी. भगतिनी के कहने पर मृतिका की मां तय समय करीब 09:30 बजे गांव के भीम राम के साथ बच्ची को लेकर उसके घर पहुंची। पूजा के लिए 251 रुपये चढ़ाने की बात कही गई थी, लेकिन मृतिका की मां ने मात्र 20 रुपये ही दिए। इसके बाद भगतिनी के घर स्थित मनसा मंदिर में बच्ची को बैठाकर तंत्र-मंत्र से पूजा शुरू की गई। बच्ची के माथे पर सिंदूर का टीका लगाया गया, आंखों में काजल लगाया गया तथा प्रसाद के रूप में इलायची दाना खिलाया गया।

इसके बाद भगतिनी बच्ची को अपने कथित “भूत बांधने” के स्थान बांसवाड़ी ले गई, जहां पहले से मौजूद भीम राम और रेशमी देवी ने बोरे के अंदर का सफेद प्लास्टिक जमीन पर बिछाया और उसी पर बच्ची को लिटा दिया गया। भगतिनी के हाथ में बांस का डंडा था, जिसे वह बच्ची के शरीर के चारों ओर घुमाते हुए कहने लगी कि उस पर देवी आ गई है और उसे कुंवारी लड़की का खून चाहिए।

इसी दौरान भीम राम ने बच्ची का गला दबा दिया, जबकि मृतिका की मां ने उसके दोनों पैर पकड़ लिए। बच्ची के छटपटाने के बाद जब उसकी मौत हो गई, तब भी आरोपियों की क्रूरता थमी नहीं। भगतिनी के इशारे पर बच्ची के कपड़े कमर से नीचे खींच दिए गए और बांस के डंडे को उसके गुप्तांग में जबरन प्रवेश कराया गया। इसके बाद खून निकालने की नीयत से पत्थर से उसके सिर पर वार किया गया, जिससे उसका सिर फट गया और चेहरा खून से लथपथ हो गया। आरोप है कि उसी खून से भगतिनी ने तांत्रिक अनुष्ठान किया और खून को अपने मनसा मंदिर में छिड़का।

तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस जघन्य कांड में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है:

भीम राम (उम्र करीब 45 वर्ष), पिता स्व. छेदी भुईयाँ

रेशमी देवी (उम्र करीब 35 वर्ष), पति बिनोद कुमार सिंह

शांति देवी उर्फ भगतिनी (उम्र करीब 55 वर्ष), पति स्व. ईश्वर ठाकुर

तीनों आरोपी कुसुम्बा गांव, थाना विष्णुगढ़, जिला हजारीबाग के निवासी हैं।

विशेष टीम ने किया मामले का खुलासा

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीम गठित की गई थी। टीम में आईपीएस अधिकारी श्री नागरगोजे शुभम भाउसाहेब, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विष्णुगढ़ बैद्यनाथ प्रसाद, पुलिस उपाधीक्षक अनुभव भारद्वाज, प्रशांत कुमार सहित कई थाना प्रभारियों एवं तकनीकी शाखा के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए मामले का सफल उद्भेदन किया।

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