पुलिस ने मुंबई के व्यापारी के अपहरण से जुड़े दो और संदिग्धों को जमशेदपुर से गिरफ्तार किया।
मुंबई के व्यवसायी मेहुल प्रवीण शाह अपहरण मामले में नया मोड़ आया है, रांची पुलिस ने जमशेदपुर में दो अतिरिक्त संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
जमशेदपुर – रांची पुलिस ने जमशेदपुर पुलिस के सहयोग से मुंबई के व्यवसायी मेहुल प्रवीण शाह के अपहरण और जबरन वसूली के मामले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया है।
संदिग्धों की पहचान बिरसा नगर निवासी बाबू पिल्ले और टेल्को निवासी अभिषेक सिंह के रूप में हुई है, जिन्हें जमशेदपुर में पुलिस छापेमारी के बाद हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तारी के दौरान अधिकारियों ने एक बन्दूक बरामद की, जिससे अपराध की गंभीरता का पता चलता है।
पूछताछ करने पर बाबू पिल्ले ने खुलासा किया कि मास्टरमाइंड सिद्धार्थ ने एस पति के साथ मिलकर साजिश रची थी।
जबरन वसूली की साजिश का खुलासा
बाबू ने खुलासा किया कि पूरी योजना एक महीने पहले ही तैयार कर ली गई थी, जिसमें एस पति, उनके पति सिद्धार्थ जैफ और अन्य प्रमुख खिलाड़ी शामिल थे।
एस, जो पिछले एक दशक से मेहुल शाह की कंपनी में कार्यरत था, ने व्हाट्सएप के माध्यम से स्पष्ट तस्वीरें साझा करके ब्लैकमेल करना शुरू किया।
उसने मेहुल को अपने जाल में फंसाया और एक मीटिंग के बहाने उसे रांची ले गई।
अपहरण और फिरौती
रांची पहुंचने पर मेहुल शाह को एस और उसके साथियों ने अगवा कर लिया और चाईबासा के गोइलकेरा ले गए।
वहां उन्होंने धमकी दी कि अगर मेहुल ने 50 लाख रुपये नहीं दिए तो वे आपत्तिजनक सामग्री जारी कर देंगे।
अपनी प्रतिष्ठा को खतरे में देखकर मेहुल ने मुम्बई से हवाला के जरिए फिरौती की रकम का इंतजाम किया।
पैसे मिलने के बाद अपहरणकर्ताओं ने मेहुल को छोड़ दिया।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां
जैसे ही मेहुल ने रांची एयरपोर्ट पुलिस को घटना की सूचना दी, उन्होंने जांच शुरू कर दी।
रांची पुलिस ने जमशेदपुर और चाईबासा पुलिस की सहायता से समन्वित छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप एस, उसके पति और दो अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया।
झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने व्यक्तिगत रूप से इस अभियान की निगरानी की तथा तीन जिलों के पुलिस अधीक्षकों को मिलकर काम करने का निर्देश दिया।
तकनीकी सेल की सहायता से पुलिस ने गोइलकेरा में संदिग्धों को सफलतापूर्वक ढूंढ निकाला, फिरौती की रकम बरामद की और अपहरण में प्रयुक्त वाहन को जब्त कर लिया।
