महिला सुरक्षा को लेकर चिंता भारतीय जनता पार्टी द्वारा हाल ही में पारित फैक्ट्री संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध किया गया. इस विधेयक में झारखंड में महिला श्रमिकों के लिए रात की पाली की अनुमति दिये जाने का प्रावधान है.
जमशेदपुर – भाजपा ने हाल ही में स्वीकृत कारखाना संशोधन विधेयक की तत्काल समीक्षा का आह्वान किया है.
पार्टी का मानना है कि विधेयक, जो महिलाओं को शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक रात की पाली में काम करने की अनुमति देता है, मौजूदा स्थानीय परिस्थितियों पर उचित विचार किए बिना पारित किया गया और इससे अवांछनीय परिणाम हो सकते हैं.
कुणाल सारंगी के मुताबिक, ए बी जे पी प्रवक्ता के मुताबिक, सरकार के फैसले में संवेदनशीलता की कमी है, खासकर यह देखते हुए कि झारखंड में महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर देश में सबसे ज्यादा है.
उन्होंने महिलाओं के खिलाफ हिंसा की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, महिलाओं के लिए रात की पाली की अनुमति देने के लिए फैक्ट्री कानून में बदलाव की नैतिकता पर सवाल उठाया.
पार्टी की चिंता पर जोर देते हुए सारंगी ने राज्य प्रशासन से सीधा सवाल किया. “आप महिलाओं के खिलाफ हिंसा के जघन्य कृत्यों को कैसे रोकने का इरादा रखते हैं?” उसने पूछा. “क्या राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार किए बिना इस बदलाव को लागू करना उचित है?”
भाजपा ने विधान सभा में विधेयक के पारित होने को “अनुचित और लापरवाह” करार दिया है, खासकर इसलिए क्योंकि भाजपा विधायकों के जाने के बाद इसे ध्वनि मत से मंजूरी दे दी गई थी.
पार्टी का मुख्य तर्क यह है कि यह खंड मौजूदा स्थानीय परिस्थितियों पर उचित विचार किए बिना ‘समानता के अधिकार’ की आड़ में पेश किया गया था.
