चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के बहुचर्चित शाहजहां परवीन हत्याकांड में अदालत ने पति और देवर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम, चाईबासा की अदालत ने बुधवार को दोनों अभियुक्तों को हत्या का दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुमार्ना भी लगाया है। यह मामला मझगांव थाना क्षेत्र का है। वर्ष 2020 में शाहजहां परवीन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उसके मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने शाहजहां परवीन के पति मो. शोएब उर्फ शेफ और उसके भाई मो. मेराज के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि दोनों ने मिलकर शाहजहां परवीन की गला दबाकर हत्या कर दी थी।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान साक्ष्य जुटाए गए और कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अनुसंधान पूरा होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया, जिसके बाद मामले की नियमित सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष विभिन्न साक्ष्य और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि दोनों आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोप सिद्ध होते हैं।
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम विनोद कुमार सिंह की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए मो. शोएब उर्फ शेफ और मो. मेराज को हत्या का दोषी करार दिया और दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। करीब पांच वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को पीड़िता के परिजनों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। यह मामला पश्चिमी सिंहभूम जिले में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा और अब अदालत के फैसले के साथ इस चर्चित हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।
