पटमदा : पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा प्रखंड की आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बुधवार को सीडीपीओ के माध्यम से उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि वर्षों से बकाया भुगतान लंबित रहने और मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
ज्ञापन में बताया गया है कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो केंद्रों का सुचारू संचालन करना कठिन हो जाएगा। सेविका-सहायिकाओं ने कहा कि उनकी मांगें पूरी तरह से न्यायसंगत हैं और लंबित भुगतान के कारण उन्हें आर्थिक एवं कार्यगत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रमुख मांगें :
- बकाया पोषाहार राशि तथा वर्ष 2024 से लंबित अंडा मद की राशि का तत्काल भुगतान किया जाए।
- सेविका एवं सहायिकाओं के केंद्रांश और राज्यांश मानदेय को समायोजित कर प्रत्येक माह नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
- अंडा मद की राशि का भुगतान स्थानीय बाजार दर के अनुसार किया जाए।
- केंद्रांश एवं राज्यांश में विभाजित भुगतान व्यवस्था को समाप्त किया जाए।
- 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के पोषाहार मद की राशि स्थानीय बाजार दर के अनुरूप निर्धारित की जाए।
- सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल और बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- मोबाइल रिचार्ज, सीबीई/इंसेंटिव सहित अन्य लंबित मदों का भुगतान शीघ्र किया जाए।
- प्रत्येक वर्ष जुलाई माह में मिलने वाली 500 रुपये की राशि तथा वर्ष 2023-24 के बकाया भुगतान का अविलंब भुगतान किया जाए।
- जिले के लगभग 400 आंगनबाड़ी केंद्रों में गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए।
सेविका-सहायिकाओं ने कहा कि बच्चों को बेहतर पोषण एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए इन समस्याओं का समाधान आवश्यक है। उन्होंने जिला प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक पहल करते हुए सभी मांगों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
