मेसी इवेंट मामले में पूर्व मंत्री अरूप विश्वास को 17 अगस्त तक अंतरिम राहत, हाईकोर्ट ने लगाई कई शर्तें

कोलकाता, 10 जून (आईएएनएस)। कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री अरूप विश्वास को लियोनेल मेसी के ‘गोट इंडिया टूर’ कार्यक्रम में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में 17 अगस्त तक किसी भी तरह की कठोर कार्रवाई से अंतरिम राहत दे दी। हालांकि, अदालत ने इस राहत के साथ कई सख्त शर्तें भी लागू की हैं।

न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि जांच एजेंसी कानून के अनुसार अपनी जांच जारी रखेगी। यदि अरूप विश्वास को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया जाता है, तो उन्हें जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होना होगा। साथ ही जांच एजेंसी को उन्हें कम से कम 48 घंटे पहले नोटिस देना होगा।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अरूप विश्वास जांच में पूरा सहयोग करेंगे। यदि वह नोटिस का जवाब नहीं देते हैं, तो पुलिस इस मामले को अदालत के संज्ञान में ला सकती है।

हाईकोर्ट ने अरूप विश्वास को सात दिनों के भीतर अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा अदालत की अनुमति के बिना वह अपने आवासीय क्षेत्र से बाहर नहीं जा सकेंगे।

यह मामला पिछले वर्ष 13 दिसंबर को साल्ट लेक स्थित युवा भारती क्रीड़ांगन में आयोजित लियोनेल मेसी के ‘गोट इंडिया टूर’ कार्यक्रम में कथित अव्यवस्था और भीड़ प्रबंधन में गड़बड़ी से जुड़ा है। आरोप है कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण कार्यक्रम के दौरान अफरातफरी मच गई थी और मेसी को समय से पहले कार्यक्रम छोड़ना पड़ा था।

सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि अन्य शहरों में यह कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ, लेकिन कोलकाता में अव्यवस्था ने शहर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतरिम राहत देने का मतलब आरोपों की गंभीरता को कम करना नहीं है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने अरूप विश्वास और मेसी के बीच कथित नजदीकियों पर भी सवाल उठाए और पूछा कि आखिर कोलकाता में ही कार्यक्रम के दौरान अराजकता क्यों फैली।

मुख्य आयोजक सतद्रु दत्ता के वकील ने अदालत में दावा किया कि कार्यक्रम के लिए 70,000 टिकट जारी किए गए थे, जिनमें से 22,000 टिकट अकेले अरूप विश्वास ने अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए लिए थे। वकील ने आरोप लगाया कि इन टिकटों को विभिन्न क्लबों के माध्यम से बेचा गया।

हाईकोर्ट ने बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट को मामले की निष्पक्ष जांच करने का निर्देश देते हुए कहा कि यह पता लगाया जाए कि कार्यक्रम का उचित संचालन क्यों नहीं हो सका। अदालत ने चार सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश भी दिया है।

गौरतलब है कि गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए पूर्व मंत्री अरूप विश्वास ने हाईकोर्ट का रुख किया था। इससे पहले मुख्य आयोजक सतद्रु दत्ता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अरूप विश्वास और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

डीएससी

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