गालूडीह: मानसून के आगमन और ओडिशा को जलापूर्ति के मद्देनजर तेज कर दी गई हैं तैयारियां। इसी क्रम में जल संसाधन विभाग द्वारा गालूडीह बैराज में अधीक्षण अभियंता रविकांत चौधरी की निगरानी में वार्षिक निरीक्षण एवं रखरखाव कार्य शुरू किया गया है।
शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान बैराज के सभी 18 गेटों के साथ-साथ कंट्रोल सिस्टम की विस्तृत जांच की गई। इस प्रक्रिया में कुछ तकनीकी खामियां सामने आईं, जिन्हें तत्काल दुरुस्त करने के लिए संबंधित संवेदकों और तकनीकी कर्मियों को निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए, इसके लिए सभी व्यवस्थाओं को समय रहते सुचारु बनाया जा रहा है।
अधीक्षण अभियंता रविकांत चौधरी ने बताया कि ओडिशा को पानी की आपूर्ति की जानी है। साथ ही मानसून के दौरान जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए बैराज के सभी सिस्टमों का रिवीजन और परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह निरीक्षण और मरम्मत अभियान 15 जून तक लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि बैराज के गेट संख्या 1 से 18 तक के संचालन के लिए चार वैकल्पिक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। इनमें मैनुअल ऑपरेशन, लोकल पैनल सिस्टम, एचएमटी सिस्टम तथा कंप्यूटर आधारित स्काडा (SCADA) सिस्टम शामिल हैं। इन सभी माध्यमों से गेटों के फाटकों को ऊपर-नीचे कर जल प्रवाह को नियंत्रित किया जा सकता है। विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसी एक प्रणाली में खराबी आने पर अन्य विकल्पों के माध्यम से संचालन प्रभावित न हो।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालक अभियंता प्रितेश होरो, सहायक अभियंता चंदन कुमार, आभास भारद्वाज समेत विभाग के अन्य अधिकारी एवं तकनीकी कर्मचारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि मानसून से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी ताकि जल प्रबंधन और जलापूर्ति व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
