जमशेदपुर: जमशेदपुर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को सिदगोड़ा स्थित बिरसा मुंडा टाउन हॉल में जिलास्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, सम्मान समारोह सह परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
समारोह में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और इतिहास को प्रदर्शित करने के साथ विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाले लोगों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

इस दौरान विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभुकों के बीच 20 करोड़ रुपये से अधिक की परिसंपत्ति और योजनाओं का लाभ वितरित किया गया।
भगवान बिरसा मुंडा और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। मौके पर आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं, गौरवशाली इतिहास और प्रकृति के साथ उनके गहरे संबंध को रेखांकित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि आदिवासी समाज का जल, जंगल और जमीन के साथ सदियों पुराना रिश्ता रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति और परंपराएं समाज को प्रकृति के संरक्षण और सामूहिक जीवन का संदेश देती हैं।
उन्होंने जिला खेल पदाधिकारी रूपा रानी तिर्की की राष्ट्रमंडल खेलों में भागीदारी का उल्लेख करते हुए इसे जिले के लिए गौरव की बात बताया।

उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास को याद करने का अवसर है। उन्होंने राज्य के क्रांतिकारियों के योगदान को भी स्मरण किया। कहा कि जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जोड़ना जरूरी है। साथ ही अपनी भाषा, कला और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना भी सामूहिक जिम्मेदारी है।
एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए शिक्षा और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति में युवाओं की सकारात्मक भागीदारी महत्वपूर्ण है। नशामुक्ति जैसे सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी उन्होंने जोर दिया।
डीडीसी नागेन्द्र पासवान ने कहा कि आदिवासी संस्कृति प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने और सामूहिकता की भावना की सीख देती है।
बिरसा मुंडा के जीवन पर नाटक, पाइका और छऊ ने बांधा समां
कार्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा के जीवन और संघर्ष पर आधारित नाटक का मंचन किया गया। इसके अलावा पाइका और छऊ नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। झारखंड की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत और महान क्रांतिकारियों के जीवन दर्शन पर आधारित फोटो गैलरी भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही।

खेल, साहित्य और पर्यावरण क्षेत्र की प्रतिभाओं का सम्मान
समारोह में खेल, साहित्य, फिल्म निर्माण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले आदिवासी प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी आदिवासी विद्यार्थियों को भी सम्मान प्रदान किया गया।
20 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का लाभ
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभुकों के बीच 20 करोड़ रुपये से अधिक की परिसंपत्ति और योजनाओं का लाभ वितरित किया गया। इसमें छात्रवृत्ति, साइकिल, कृषि यंत्र, सामुदायिक एवं व्यक्तिगत वनपट्टा, सर्वजन पेंशन स्वीकृति पत्र, श्रवण यंत्र और सोलर पंप समेत कई योजनाएं शामिल रहीं।