आदित्यपुर : सोशल मीडिया पर करोड़ों रुपये कमाने का सपना दिखाने वाले साइबर अपराधियों से सावधान रहने की जरूरत है। फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से सक्रिय एक संदिग्ध गिरोह लोगों को करोड़ों रुपये ट्रांसफर कराने और बदले में 10 प्रतिशत कमीशन देने का झांसा देकर अपने जाल में फंसा रहा था।
सरायकेला-खरसावां पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से यह बड़ा साइबर फ्रॉड समय रहते नाकाम कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, आदित्यपुर थाना क्षेत्र में सक्रिय गिरोह पहले सोशल मीडिया के जरिए लोगों से संपर्क करता था। इसके बाद उन्हें भरोसे में लेने के लिए होटल में ठहराया जाता और मोटे कमीशन का लालच दिया जाता।
विश्वास जीतने के बाद आरोपी उनके बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां हासिल करते थे तथा मोबाइल फोन पर भेजे गए लिंक, चैट और डिजिटल रिकॉर्ड को तुरंत हटाने के लिए कहते थे, ताकि ठगी के सबूत मिटाए जा सकें।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि करीब 40 से 45 लोग इस गिरोह के संपर्क में आ चुके थे। हालांकि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आदित्यपुर थाना पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप किया और सभी लोगों को संभावित साइबर ठगी का शिकार बनने से बचा लिया।
पुलिस की सक्रियता से करोड़ों रुपये की संभावित वित्तीय धोखाधड़ी होने से पहले ही रोक दी गई।
बचाए गए लोगों ने आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार सिंह और पूरी पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी तत्परता और संवेदनशील कार्रवाई की सराहना की।
पुलिस ने जारी की अहम सलाह
सरायकेला-खरसावां पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर यदि कोई व्यक्ति करोड़ों रुपये ट्रांसफर करने, भारी कमीशन दिलाने या बिना मेहनत आसान कमाई का लालच दे, तो ऐसे प्रस्तावों से तुरंत सतर्क हो जाएं।
किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा न करें और किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधी लालच और भरोसे का फायदा उठाकर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी थाना या साइबर पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।