जमशेदपुर: लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र साकची बाजार में गुरुवार को ट्रैफिक पुलिस ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।
अभियान के तहत स्ट्रेट माइल रोड समेत आसपास के बाजार क्षेत्रों में सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमणों को हटाया गया। यातायात में बाधा उत्पन्न कर रहे अस्थायी ठेलों और अन्य अवैध कब्जों को हटाते हुए सड़क को खाली कराया गया। इसके साथ ही नो पार्किंग जोन में खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
पुलिस टीम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का चालान काटा तथा कई वाहनों को मौके से हटवाया। अचानक शुरू हुई इस कार्रवाई से बाजार क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अतिक्रमण कर कारोबार करने वाले लोगों और गलत स्थानों पर वाहन खड़े करने वालों में हड़कंप मच गया।
हालांकि अभियान के बाद बाजार की सड़कें पहले की तुलना में अधिक साफ और चौड़ी दिखाई दीं, जिससे यातायात संचालन में सुधार देखने को मिला। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि साकची बाजार में बढ़ते अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण प्रतिदिन जाम की समस्या उत्पन्न हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों की सुविधा के लिए यह विशेष अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमार ने किया।
नो पार्किंग में खड़े वाहनों पर हुई कार्रवाई
अभियान के दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों की पहचान कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। कई वाहन चालकों को चेतावनी दी गई, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वालों से जुर्माना वसूला गया।
“नियम सबके लिए समान हैं” : नीरज कुमार
ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमार ने कहा कि सड़क पर अतिक्रमण करना और नो पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि साकची के अलावा शहर के अन्य प्रमुख बाजारों में भी इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सके और यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके।
उपायुक्त ने की थी घोषणा
पिछले दिनों जिला समाहरणालय में आयोजित बैठक में पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन ने वाहनों के अतिक्रमण को लेकर घोषणा की थी कि बाजार ही नहीं सड़क पर भी नियमों की अवहेलना करने वाले बाइक, ऑटो चालकों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। सालों से ऐसी कार्रवाई चल रही है लेकिन व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रहा है।
