जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में सेरेब्रल मलेरिया से हुई मौतों के कारणों की गहन जांच के लिए जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने तीन सदस्यीय संयुक्त जांच दल का गठन किया है।
जांच टीम को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तीन दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है।
जांच दल की अध्यक्षता पूर्वी सिंहभूम के अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था) करेंगे। टीम में सदर अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रंजीत पाण्डा तथा आईडीएसपी (IDSP) यूनिट, जमशेदपुर के महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. असद को सदस्य बनाया गया है।
उपायुक्त ने जांच दल को निर्देश दिया है कि मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण कर प्रत्येक पहलू की विस्तृत जांच की जाए।
यदि जांच के दौरान चिकित्सा सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या कर्तव्य में चूक सामने आती है, तो संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों एवं अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए उनकी पहचान की जाए।
जांच दल को तीन दिनों के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन जिला प्रशासन को सौंपना होगा। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड के माध्यम से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा उपायुक्त ने टीम को यह भी निर्देश दिया है कि निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में मरीजों को बेहतर, त्वरित और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यावहारिक सुझाव भी प्रस्तुत किए जाएं।
इन सुझावों के आधार पर स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
