जमशेदपुर: समाहरणालय सभागार में नव नियुक्त सहायक आचार्यों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन और उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने नव नियुक्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान सभी सहायक आचार्यों को पदस्थापन पत्र भी सौंपे गए।
उपायुक्त ने कहा कि सभी नव नियुक्त सहायक आचार्य कठिन संघर्ष, निरंतर मेहनत और समर्पण के बल पर इस मुकाम तक पहुंचे हैं। इस सफलता में उनके माता-पिता, शिक्षकों और समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें, ताकि वे भविष्य में समाज और देश के लिए प्रेरणास्रोत बन सकें।
उन्होंने कहा कि एक सशक्त और शिक्षित समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। ईमानदारी, समर्पण और सेवा भाव से कार्य करने वाले शिक्षकों को समाज में सदैव सम्मान मिलता है।
उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने कहा कि आज से नव नियुक्त सहायक आचार्यों की पेशेवर यात्रा शुरू हो रही है। राज्य सरकार को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं और उन्हें सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शहरी हो या ग्रामीण क्षेत्र, जहां भी पदस्थापना मिले उसे सहर्ष स्वीकार करते हुए पूरी निष्ठा से कार्य करें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी को दूर करने की दिशा में यह नियुक्ति एक महत्वपूर्ण कदम है और यदि कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग के लिए तैयार रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान नव नियुक्त सहायक आचार्यों को विभागीय कार्यप्रणाली, शैक्षणिक दायित्वों, विद्यालय प्रबंधन तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
अंत में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त ने राज्य सरकार के निर्देशानुसार सभी सहायक आचार्यों को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ), जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
