पलामू : रिम्स अस्पताल का ऐसा खौफ कि परिवार में बचे आखिरी सदस्य ने उस अस्पताल में इलाज कराने से इनकार कर दिया। आखिरकार विधायक शशि भूषण मेहता की पहल पर उसे पलामू सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
आलम यह कि झारखंड का स्वास्थ्य विभाग अभी तक बीमारी की वजह की खोजबीन में जुटा हुआ है। यह बताया गया था कि मिलावटी सरसों तेल से संभवत: यह बीमारी हुई।
जानकारी के अनुसार, परिवार के छह सदस्यों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। इन घटनाओं के बाद सातवें सदस्य के मन में रिम्स को लेकर गहरा भय बैठ गया, जिसके कारण वह वहां भर्ती होने के लिए तैयार नहीं था।
मामले की जानकारी मिलने पर विधायक शशि भूषण मेहता स्वयं मरीज से मिलने पहुंचे। उन्होंने काफी समझाने-बुझाने के बाद उसे पलामू सदर अस्पताल में भर्ती कराया।
विधायक ने बताया कि उन्होंने अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विमलेश सिंह से संपर्क कर मरीज के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराई, जिसके बाद डॉक्टरों की एक टीम गठित कर उसका उपचार शुरू किया गया।
शशि भूषण मेहता ने बताया कि मरीज के शरीर में लगातार खून की कमी हो रही है। उसकी स्थिति को देखते हुए उन्होंने स्वयं भी रक्तदान किया है, ताकि समय पर इलाज जारी रखा जा सके।
इस दौरान विधायक ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के छह लोगों की अज्ञात बीमारी से मौत हो गई, लेकिन अब तक न तो सरकार और न ही जिला प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने पलामू के उपायुक्त और झारखंड सरकार से मांग की कि परिवार के जीवित बचे सदस्य को तत्काल आर्थिक सहायता, बेहतर चिकित्सा सुविधा और हरसंभव सरकारी सहयोग उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर बीमारी के वास्तविक कारणों का पता लगाने की भी मांग की।
हास्यास्पद यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में असहाय दिख रहा है। एक ही परिवार के छह लोगाें की माैत के बाद भी तंद्रा नहीं टूटी।
