जमशेदपुर: सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एससीसीआई) ने नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में आयोजित झारखंड स्टेकहोल्डर्स मीट-2026 में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए राज्य की नई औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीति को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। 9 जुलाई को आयोजित इस बैठक में चैंबर की ओर से उद्योग उपाध्यक्ष हर्ष बकरेवाल और उद्योग सचिव विनोद शर्मा ने प्रतिनिधित्व किया।
बैठक का उद्देश्य प्रस्तावित झारखंड औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 के ड्राफ्ट पर उद्योग जगत और अन्य हितधारकों से सुझाव प्राप्त करना था, ताकि राज्य को देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में विकसित किया जा सके।
बैठक के दौरान सिंहभूम चैंबर ने संतोष व्यक्त किया कि उसके कई महत्वपूर्ण सुझावों को ड्राफ्ट नीति में शामिल किया गया है। चैंबर ने राज्य की औद्योगिक नीति को देश के अग्रणी राज्यों के अनुरूप बनाने, उद्योगों को समयबद्ध और पारदर्शी स्वीकृति देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए एआई आधारित ‘झारखंड एमएसएमई कनेक्ट पोर्टल’ शुरू करने पर विशेष जोर दिया।
इस पोर्टल के माध्यम से एमएसएमई इकाइयों को डिजिटल सेवाएं, आवश्यक जानकारी और हैंडहोल्डिंग सहायता उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया।
बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि ₹86,000 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से जुड़े 14 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर रही, जिसे झारखंड में निवेशकों के बढ़ते विश्वास का संकेत माना जा रहा है।
इस दौरान जिंदल समूह के अध्यक्ष नवीन जिंदल ने राज्य में ₹71,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा। इसमें ₹40,000 करोड़ की लागत से 6.0 एमटीपीए क्षमता का एकीकृत इस्पात संयंत्र, ₹30,000 करोड़ की परमाणु ऊर्जा परियोजना और ₹700 करोड़ की सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने की योजना शामिल है।
वहीं टाटा स्टील ने भी झारखंड में ₹19,000 करोड़ के निवेश से इलेक्ट्रिकल स्टील प्लांट स्थापित करने की घोषणा की। यह संयंत्र इलेक्ट्रिक वाहन, ट्रांसफॉर्मर और उन्नत विनिर्माण क्षेत्र की बढ़ती मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सिंहभूम चैंबर ने इन ऐतिहासिक निवेश घोषणाओं का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि नई औद्योगिक नीति और बड़े निवेश प्रस्ताव राज्य में औद्योगिकीकरण, आधारभूत संरचना के विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति को नई गति देंगे। चैंबर ने झारखंड सरकार और सभी हितधारकों के साथ मिलकर उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने तथा राज्य के सतत औद्योगिक विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
