जमशेदपुर: जिला प्रशासन की सक्रियता के बावजूद जिले में मलेरिया के मरीज मिल रहे हैं। कई लोगाें की मौत भी हो चुकी है। इस बीच पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण के लिए टाटा स्टील फाउंडेशन ने अपने मानसी (MANSI) कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर व्यापक अभियान शुरू किया है।
यह अभियान जिले के पोटका, डुमरिया, घाटशिला, मुसाबनी, गोलमुरी-सह-जुगसलाई और बहरागोड़ा प्रखंडों में संचालित किया जा रहा है, जहां मलेरिया की रोकथाम, जांच, उपचार और जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

प्रखंड व जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय
टाटा स्टील फाउंडेशन की मानसी टीम ब्लॉक विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) की अध्यक्षता में आयोजित ब्लॉक लेवल टास्क फोर्स (BLTF) की बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभा रही है। साथ ही, चिकित्सा प्रभारी (एमओआईसी) की अगुवाई में होने वाली स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठकों में भी सहयोग किया जा रहा है।
जिला स्तर पर सिविल सर्जन और जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी (VBD Officer) के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर मलेरिया नियंत्रण की रणनीति को प्रभावी बनाया जा रहा है।
घर-घर पहुंचकर लोगों को जांच शिविरों से जोड़ रही मानसी टीम
मानसी टीम गांवों और टोलों में घर-घर जाकर लोगों को मलेरिया जांच शिविरों में भाग लेने के लिए प्रेरित कर रही है। विशेष रूप से दुर्गम और दूरस्थ गांवों में सामुदायिक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि कोई भी व्यक्ति जांच से वंचित न रहे।
अब तक टाटा स्टील फाउंडेशन ने 64 मलेरिया जांच शिविरों में 72 सहियाओं के माध्यम से सहयोग प्रदान किया है। इन शिविरों में 4,665 लोगों की जांच की गई, जिनमें 239 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। सभी संक्रमित मरीजों का उपचार स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू कर दिया गया है।
बच्चों और परिवारों पर विशेष फोकस
फाउंडेशन की टीम लगातार परिवारों से संपर्क कर विशेष रूप से पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को जांच शिविरों तक लाने के लिए प्रेरित कर रही है। गांव स्तर पर बैठकों का आयोजन कर पुरुष सदस्यों को भी अभियान से जोड़ा जा रहा है, जिससे शिविरों के संचालन में समुदाय का सहयोग बढ़ा है।
जांच किट और मच्छरदानियों की उपलब्धता
मलेरिया जांच शिविरों के दौरान टीम नियमित रूप से रैपिड डायग्नोस्टिक किट (RDK) की उपलब्धता की निगरानी करती है। किट की कमी होने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर उसकी आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है, ताकि जांच कार्य बाधित न हो।
मलेरिया से बचाव के लिए टाटा स्टील फाउंडेशन की ट्राइबल आइडेंटिटी टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में 100 मच्छरदानियों का वितरण किया है। इसके अलावा फाउंडेशन की पब्लिक हेल्थ टीम ने 500 अतिरिक्त मच्छरदानियां उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आवश्यकता के अनुसार आगे भी इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।
स्वास्थ्य कर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
मलेरिया नियंत्रण अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए 8 जुलाई 2026 को बहरागोड़ा प्रखंड स्वास्थ्य विभाग ने मानसी ब्लॉक टीम और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आधे दिन का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस प्रशिक्षण के बाद मानसी टीम ब्लॉक स्तर पर मलेरिया नियंत्रण गतिविधियों में और अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही है।
टाटा स्टील फाउंडेशन ने कहा कि वह स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर समय पर मलेरिया की पहचान, उपचार, रोकथाम और जनजागरूकता के माध्यम से पूर्वी सिंहभूम में इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार कार्य करता रहेगा।
अब फाउंडेशन की ओर से मलेरिया के बढ़ते प्रकोप पर रोकथाम के लिए उपाय किए जा रहे हैं।
