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कोलकाता, 1 जून (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के पिता अमित बनर्जी और माता लता बनर्जी ने कोलकाता नगर निगम (केएमसी) द्वारा जारी नोटिस को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर कर नोटिस को रद्द करने की मांग की है।
उनका कहना है कि जिस मकान को लेकर नोटिस जारी किया गया है, उसका निर्माण पूरी तरह कानूनी तरीके से हुआ है। मामले की सुनवाई अगले बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट की अवकाशकालीन पीठ में हो सकती है।
हाल ही में केएमसी ने अभिषेक बनर्जी के कई पतों पर नोटिस भेजे थे। शनिवार को अभिषेक बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित आवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि नगर निगम को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि निर्माण में कथित गड़बड़ी कहां हुई है।
उन्होंने कहा, “नगर निगम बताए कि भवन का कौन-सा हिस्सा नियमों के खिलाफ है। नोटिस में सिर्फ ‘डिविएशन’ का जिक्र है, लेकिन यह नहीं बताया गया कि वह कहां है। मैंने उन्हें लिखित जवाब दे दिया है और जरूरत पड़ने पर अदालत का भी रुख करूंगा।”
इस बीच, अभिषेक बनर्जी की कंपनी ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ ने भी केएमसी से 10 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है। कंपनी ने कहा है कि वह निगम द्वारा मांगी गई सभी जानकारियां देने के लिए तैयार है, लेकिन दस्तावेज जुटाने के लिए कुछ समय चाहिए।
नगर निगम ने अभिषेक बनर्जी और उनकी कंपनी के नाम पर दर्ज कालीघाट रोड और हरिश मुखर्जी रोड स्थित संपत्तियों को लेकर कई नोटिस जारी किए हैं।
नगर निगम के अनुसार, ये नोटिस कोलकाता नगर निगम अधिनियम की धारा 401 के तहत जारी किए गए हैं। इनमें भवन के स्वीकृत नक्शे, निर्माण संबंधी दस्तावेज और अतिरिक्त निर्माण की अनुमति से जुड़े कागजात मांगे गए हैं। जांच की जा रही है कि कहीं कुछ निर्माण स्वीकृत नक्शे से अलग तो नहीं किया गया।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कुल 17 संपत्तियों को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें अभिषेक बनर्जी के कुछ रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज संपत्तियां भी शामिल हैं।
हालांकि, अभिषेक बनर्जी का कहना है कि जब तक नगर निगम यह नहीं बताता कि कौन-सा हिस्सा अवैध है, तब तक वह इस मामले पर विस्तृत जवाब नहीं देंगे।
डीकेपी
