गम्हरिया : वाराणसी के पावन अस्सी घाट पर आयोजित प्रतिष्ठित सांस्कृतिक कार्यक्रम “घाट-संध्या” में गम्हरिया के युवा कथक कलाकार तरित सरकार ने अपनी एकल प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गंगा तट पर आयोजित इस कार्यक्रम में उनकी प्रस्तुति कला, संस्कृति और अध्यात्म का अद्भुत संगम बनकर उभरी।
वाराणसी जिला प्रशासन द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा के सहयोग से “सुबह-ए-बनारस” श्रृंखला के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में तरित सरकार ने अपनी वर्षों की साधना, तकनीकी दक्षता और भावपूर्ण अभिव्यक्ति का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रस्तुति की शुरुआत शिव वंदना से की, जिसमें काशी के अधिष्ठाता भगवान शिव के प्रति भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इसके बाद तरित सरकार ने तीनताल में शुद्ध पारंपरिक कथक नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी लयकारी, तत्कार, मुद्राओं की सटीकता और विलंबित से द्रुत लय तक की सहज प्रस्तुति ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। कार्यक्रम के दौरान उनकी मंच उपस्थिति और नृत्य की परिपक्वता ने विशेष रूप से कला प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम का समापन राग मेघ पर आधारित ध्रुपद प्रस्तुति से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को भावनात्मक गहराई और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। गम्हरिया, जमशेदपुर से आए तरित सरकार की प्रस्तुति को दर्शकों और आयोजकों ने अत्यंत प्रभावशाली एवं स्मरणीय बताया।
आयोजकों के अनुसार “घाट-संध्या” भारतीय कला, संस्कृति और अध्यात्म का उत्सव है। तरित सरकार की उत्कृष्ट प्रस्तुति ने इस आयोजन के उद्देश्य को और अधिक सार्थक बनाते हुए दर्शकों के मन पर अमिट छाप छोड़ी।

