रांची : झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में एक बार फिर मेडिकल छात्र की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। रिम्स के सर्जरी विभाग में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) प्रथम वर्ष के 32 वर्षीय छात्र डॉ. सानु सनल बरवार का शव शनिवार को कटहल मोड़ स्थित एक मकान से बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है।
डॉ. सानु सनल बरवार की मौत की खबर मिलते ही रिम्स परिसर में शोक का माहौल व्याप्त हो गया। साथी डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और शिक्षकों ने घटना पर दुख व्यक्त किया है। प्रारंभिक जांच में किसी स्पष्ट कारण का पता नहीं चल पाया है, जिसके बाद पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले 16 मई को रिम्स के एक अन्य मेडिकल छात्र अक्षित कुजूर की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया था। पिछले कुछ वर्षों में रिम्स में मेडिकल छात्रों की आत्महत्या अथवा रहस्यमय परिस्थितियों में मौत की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं ने मेडिकल शिक्षा के दौरान छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक और भावनात्मक दबाव को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
ताजा घटना के बाद मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, संस्थानों में उपलब्ध काउंसलिंग सेवाओं और मनोसामाजिक सहयोग तंत्र को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर फिर से चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल शिक्षा के दौरान छात्रों को पढ़ाई, परीक्षा, करियर और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े अनेक दबावों का सामना करना पड़ता है, जिसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी) के विशेषज्ञों के अनुसार, मेडिकल छात्रों में बढ़ता मानसिक तनाव और अवसाद एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। हालांकि किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और तथ्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
