सरायकेला: आदित्यपुर स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NSMCH) ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। शनिवार को अस्पताल में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से लैस एमआरआई मशीन का विधिवत उद्घाटन सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नितीश कुमार सिंह ने किया। इस नई सुविधा के शुरू होने से कोल्हान क्षेत्र के मरीजों को अब उन्नत चिकित्सा जांच के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
उद्घाटन समारोह में नेताजी सुभाष ग्रुप के चेयरमैन मदन मोहन सिंह, प्रबंध निदेशक विभा सिंह, प्राचार्य डॉ. के.एम. सिंह, डॉ. एम.के. सिन्हा, मृत्युंजय झा, के.के. सिंह सहित अस्पताल के चिकित्सक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सीमेन्स कंपनी की इस अत्याधुनिक एमआरआई मशीन को लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया गया है। यह हिलियम-फ्री तकनीक पर आधारित मशीन है, जिसे आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। एआई तकनीक से लैस यह मशीन जांच प्रक्रिया को अधिक तेज, सटीक और प्रभावी बनाएगी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की सीमित उपलब्धता की स्थिति में भी यह एडवांस इमेजिंग और रिपोर्टिंग में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगी।
अस्पताल प्रशासन का दावा है कि कोल्हान क्षेत्र में पहली बार इस प्रकार की एआई आधारित उन्नत एमआरआई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही सरायकेला-खरसावां जिले का यह पहला अस्पताल बन गया है, जहां एमआरआई जांच की सुविधा शुरू हुई है।
गौरतलब है कि लगभग दो वर्ष पहले स्थापित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ने कम समय में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। संस्थान में 100 सीटों पर एमबीबीएस पाठ्यक्रम संचालित हो रहा है, जबकि 900 बेड वाले सुपर मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल में विभिन्न आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं।
उपायुक्त नितीश कुमार सिंह ने अस्पताल प्रबंधन को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार क्षेत्र के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह संस्थान स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा और आसपास के जिलों के मरीजों को भी बेहतर उपचार उपलब्ध कराएगा।
इस अवसर पर चेयरमैन मदन मोहन सिंह ने बताया कि अगले 15 दिनों के भीतर अस्पताल में कैथ लैब की भी शुरुआत की जाएगी। इसके शुरू होने से हृदय रोगियों को एंजियोग्राफी समेत कई महत्वपूर्ण जांच और उपचार की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि मरीजों को राहत देने के उद्देश्य से एमआरआई जांच पर 25 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद मरीजों को 50 प्रतिशत तक की विशेष रियायत प्रदान की जाएगी।
अस्पताल में लगातार आधुनिक तकनीकों को शामिल किए जाने को क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इससे न केवल मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, बल्कि चिकित्सा शिक्षा एवं शोध कार्यों को भी नई दिशा मिलेगी।
