प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग, छात्रों से संवाद की अपील
मुख्य बिंदु:
- रघुवर दास ने छात्र आंदोलन का किया समर्थन
- जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल मामलों की सीबीआई जांच की मांग
- मुख्यमंत्री से छात्रों से तत्काल वार्ता करने की अपील
रांची – झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्यमंत्री के नाम खुला पत्र जारी कर छात्रों की मांगों का समर्थन किया है।
रघुवर दास ने कहा कि छात्रों का आंदोलन देखकर उन्हें 1974 का छात्र आंदोलन याद आ गया। उन्होंने कहा कि वह स्वयं उस आंदोलन से जुड़े रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह पत्र किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं लिखा गया है। उनका उद्देश्य केवल छात्रों के भविष्य की चिंता है।
वहीं, उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्र बिना कारण सड़कों पर नहीं उतरे हैं। पिछले कई वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है। जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण आदिवासी, मूलवासी और अन्य झारखंडी छात्र आंदोलन करने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेने का आग्रह किया।
इसी बीच, रघुवर दास ने नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।
उन्होंने मांग की कि झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की भी सीबीआई से जांच कराई जाए।
दूसरी ओर, उन्होंने मुख्यमंत्री से आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधियों से तत्काल बातचीत करने की अपील की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भविष्य में पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की।
इसके बाद, रघुवर दास ने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते सकारात्मक पहल नहीं की, तो छात्र आंदोलन आगे चलकर जन आंदोलन का रूप ले सकता है।
[title झारखंड में छात्र आंदोलन को मिला रघुवर दास का समर्थन, मुख्यमंत्री को लिखा खुला पत्र]
