जमशेदपुर : बैंक ऑफ इंडिया के आंचलिक कार्यालय, जमशेदपुर की ओर से बिष्टुपुर स्थित बैंक ऑफ इंडिया भवन में इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) के तहत एमएसएमई आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अपने संबोधन में उपायुक्त ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र राज्य और देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है तथा इसके विकास में बैंकिंग संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने उद्यमियों से केंद्र एवं राज्य सरकार तथा बैंकों द्वारा संचालित विभिन्न ऋण एवं वित्तीय सहायता योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उपायुक्त ने बैंकिंग संस्थानों से आग्रह किया कि वे बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे और मध्यम कारोबारियों को भी प्राथमिकता के आधार पर ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराएं, ताकि अधिक से अधिक उद्यमी अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान बैंक ऑफ इंडिया ने ईसीएलजीएस योजना के अंतर्गत कुल 141 ऋण आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की। इन स्वीकृत ऋणों की कुल राशि लगभग 40 करोड़ रुपये है। मुख्य अतिथि राजीव रंजन ने लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र (सैंक्शन लेटर) वितरित कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर बैंक ऑफ इंडिया के आंचलिक प्रबंधक पंकज कुमार मिश्रा ने कहा कि बैंक विभिन्न सरकारी एवं बैंकिंग योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उद्योगों, उद्यमियों और व्यवसायियों को वित्तीय सहायता प्रदान कर क्षेत्र के आर्थिक विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि बैंक भविष्य में भी उद्यमिता और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
कार्यक्रम का समापन लाभार्थियों एवं उद्यमियों के साथ संवाद सत्र तथा बैंकिंग सेवाओं एवं योजनाओं के प्रति जागरूकता कार्यक्रम के साथ हुआ।
कार्यक्रम में उप आंचलिक प्रबंधक अजीत कांत, उप आंचलिक प्रबंधक (वसूली) भूपेंद्र नारायण, सहायक महाप्रबंधक (एसएमसीसी) हिमांशु शेखर सहित बैंक ऑफ इंडिया की विभिन्न शाखाओं के अधिकारी, उद्यमी और व्यवसायी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
