दुमका: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के सफल और सुरक्षित आयोजन को लेकर झारखंड पुलिस ने व्यापक सुरक्षा तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीजीपी तदाशा मिश्रा ने देवघर और बाबा बासुकिनाथ धाम का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि इस बार लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए आधुनिक AI तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
दो महीने तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। इस वर्ष पहली बार पारंपरिक सुरक्षा इंतजामों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।
झारखंड की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा ने देवघर और बाबा बासुकिनाथ धाम का दौरा कर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। देवघर में निरीक्षण के बाद उन्होंने बाबा बासुकिनाथ धाम पहुंचकर फौजदारी बाबा के दर्शन-पूजन किए और मंदिर परिसर सहित आसपास की सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों को उन्होंने सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
इसके बाद डीजीपी दुमका पहुंचीं, जहां पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में संताल परगना प्रमंडल के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां प्रमुख एजेंडा रहीं। बाबा बासुकिनाथ धाम सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं और श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मेले के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि श्रावणी मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा झारखंड पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
साथ ही, AI आधारित निगरानी प्रणाली और आधुनिक तकनीकों की मदद से भीड़ की रियल-टाइम मॉनिटरिंग, संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर और ट्रैफिक प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
हर वर्ष श्रावणी मेले में लाखों कांवरिये और श्रद्धालु देवघर तथा बाबा बासुकिनाथ धाम पहुंचते हैं। इस बार पुलिस प्रशासन का लक्ष्य आधुनिक तकनीक और सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था के जरिए श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और निर्बाध दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराना है।