जमशेदपुर: स्टील सिटी जमशेदपुर ने एक बार फिर नागरिक जागरूकता और जनभागीदारी का शानदार उदाहरण पेश किया है। जारी स्वच्छ सर्वेक्षण में नागरिक फीडबैक के मामले में जमशेदपुर ने पूरे झारखंड में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं दूसरी ओर राज्य की राजधानी रांची समेत कई शहरी निकायों में लोगों की भागीदारी बेहद कम दर्ज की गई है।
22 मई 2026 तक अपडेट आंकड़ों के अनुसार जमशेदपुर के 6,002 नागरिकों ने शहर की साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर अपनी राय दर्ज कराई है। इसके विपरीत रांची नगर निगम क्षेत्र से केवल 901 लोगों ने ही फीडबैक दिया, जो बेहद निराशाजनक माना जा रहा है।
स्वच्छ सर्वेक्षण में क्यों अहम है नागरिक फीडबैक
स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में नागरिक फीडबैक को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस श्रेणी के तहत नागरिकों से 13 सवाल पूछे जाते हैं, जिनमें शहर की सफाई व्यवस्था, ठोस कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, सड़क सफाई और घर-घर कचरा संग्रहण जैसी सेवाओं पर राय ली जाती है।
‘सिटिजन फीडबैक’ कैटेगरी के लिए कुल 1,000 अंक निर्धारित हैं। ऐसे में लोगों की भागीदारी किसी भी शहर की राष्ट्रीय रैंकिंग तय करने में अहम भूमिका निभाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आम नागरिकों की प्रतिक्रिया से ही जमीनी स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आती है और प्रशासन को कमियों को दूर करने में मदद मिलती है।
झारखंड में कई शहरों में बेहद कम भागीदारी
जहां जमशेदपुर और धनबाद नागरिक फीडबैक में आगे चल रहे हैं, वहीं राज्य के कई शहरी क्षेत्रों में लोगों की उदासीनता साफ दिखाई दे रही है। आंकड़ों के अनुसार झारखंड के 12 शहरी निकाय ऐसे हैं, जहां 10 से भी कम लोगों ने फीडबैक दर्ज कराया है।
22 मई 2026 तक नागरिक फीडबैक में टॉप-5 शहर
- जमशेदपुर – 6,002
- धनबाद – 4,923
- रामगढ़ – 2,035
- चक्रधरपुर – 1,327
- बुंडू – 1,256
जहां 10 से कम लोगों ने दिया फीडबैक
- चतरा और डोमचांच – 10-10
- गोड्डा – 9
- लोहरदगा – 8
- दुमका और मेदिनीनगर – 5-5
- हरिहरगंज और रामगढ़ कैंट – 3-3
- बासुकीनाथ नगर पंचायत और गिरिडीह – 2-2
- छतरपुर – 1
राष्ट्रीय स्तर पर फिर चमकने की तैयारी में जमशेदपुर
जमशेदपुर का यह शानदार प्रदर्शन पिछले वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण में मिली ऐतिहासिक सफलता के बाद सामने आया है। शहर ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया था, जबकि झारखंड में यह पहले स्थान पर रहा था।
स्थानीय प्रशासन इस सफलता का श्रेय नगर निकायों और शहरवासियों की सक्रिय भागीदारी को दे रहा है। शुरुआती आंकड़ों को देखते हुए माना जा रहा है कि जमशेदपुर एक बार फिर देश के सबसे स्वच्छ शहरों में अपनी मजबूत पहचान कायम रखने की ओर अग्रसर है।
