जमशेदपुुर। पूर्वी सिंहभूम जिले की केरूवाडूंगरी पंचायत को मेंस्ट्रुअल वेस्ट फ्री पंचायत घोषित किया गया। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में पंचायत के बड़ा तालसा गांव में मासिका महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें पंचायत के 11 गांवों की महिलाओं, किशोरियों और सामाजिक कार्यकतार्ओं ने भाग लेकर माहवारी स्वच्छता और महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान पंचायत की महिलाओं और किशोरियों ने नाटक, कविता, गीत और भाषण के माध्यम से माहवारी से जुड़े सामाजिक मिथकों और चुप्पी को तोड़ने की अपील की। आयोजन में माहवारी कोई शर्म नहीं, माहवारी के बिना हम नहीं और स्वच्छ केरूवाडूंगरी, स्वस्थ केरूवाडूंगरी जैसे नारों के साथ लोगों को जागरूक किया गया।
केरूवाडूंगरी पंचायत के सभी 11 गांवों की महिलाएं और किशोरियां अब पर्यावरण अनुकूल रीयूजेबल सैनिटरी पैड का उपयोग कर रही हैं। इससे न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है, बल्कि मेंस्ट्रुअल वेस्ट में भी कमी आई है। पंचायत को झारखंड का संभवत: पहला मेंस्ट्रुअल वेस्ट फ्री पंचायत माना जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने में सामाजिक संस्था निश्चय फाउंडेशन, प्रोजेक्ट बाला और स्थानीय महिलाओं की अहम भूमिका रही। पंचायत के विभिन्न गांवों में लगातार जागरूकता अभियान चलाकर महिलाओं को रीयूजेबल सैनिटरी पैड के उपयोग और माहवारी स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया गया।
पंचायत को मेंस्ट्रुअल वेस्ट फ्री बनाने और महिला स्वास्थ्य के मुद्दों पर जागरूकता फैलाने वाले लगभग दो दर्जन स्वयंसेवकों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर पंचायत के मुखिया कान्हू मुर्मू ने कहा कि लंबे समय तक लगातार प्रयास और जनजागरूकता अभियान चलाने के बाद यह सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि पंचायत की महिलाओं और युवतियों ने जिस तरह इस अभियान को अपनाया, वह पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक है। कार्यक्रम में मुखिया कान्हू मुर्मू, निश्चय फाउंडेशन के संस्थापक तरुण कुमार, मुखिया प्रतिनिधि, माझी बाबा, पंचायत की महिलाएं, किशोरियां और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
