घूसखोरी मामले में सुपरिटेंडेंट और इंस्पेक्टर गिरफ्तार
मुख्य बिंदु:
- सीबीआई ने जीएसटी कार्यालय में छापेमारी की
- घूसखोरी मामले में दो अधिकारी गिरफ्तार
- 13 घंटे तक चली पूछताछ से मचा हड़कंप
गिरिडीह – बजरंग चौक स्थित सेंट्रल जीएसटी कार्यालय में सीबीआई की कार्रवाई से हड़कंप मच गया।
बुधवार को धनबाद से सीबीआई टीम पहुंची थी। टीम ने अचानक कार्यालय में छापेमारी की।
हालांकि, कार्रवाई घूसखोरी के आरोप में की गई। सीबीआई ने दो अधिकारियों को हिरासत में लिया।
गिरफ्तार अधिकारियों में सुपरिटेंडेंट बुद्धेश्वर सुंडी शामिल हैं। इंस्पेक्टर बिरजू कुमार को भी पकड़ा गया है।
दूसरी ओर, कार्रवाई के बाद कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों में दहशत का माहौल दिखा।
जानकारी के अनुसार शिकायत बिरनी प्रखंड से आई थी। खाखीपीपर निवासी राजू अंसारी ने मामला दर्ज कराया था।
अंसारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने वर्ष 2023 की घटनाओं का उल्लेख किया।
हालांकि, शिकायत में चार्टर्ड अकाउंटेंट अनीश कुमार सेठ का नाम भी आया। आरोप है कि अधिकारियों से मिलकर साजिश रची गई।
इसके बाद राजू अंसारी को नोटिस भेजे गए। उन पर 95 लाख रुपये टैक्स बकाया बताया गया।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि लगातार तीन नोटिस मिले थे। इसके बाद अंसारी को मामले में गड़बड़ी का संदेह हुआ।
उधर, जानकारी लेने वह जीएसटी कार्यालय पहुंचे। वहां कथित रूप से रिश्वत की मांग की गई।
इसके बाद अंसारी ने धनबाद स्थित सीबीआई कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। सीबीआई ने पूरे मामले की जांच शुरू की।
हालांकि, जांच के दौरान सीबीआई ने जाल बिछाया। कथित रिश्वत की रकम 65 हजार रुपये तय कराई गई।
योजना के तहत बुधवार को अंसारी कार्यालय पहुंचे। उनके पास 50 हजार रुपये मौजूद थे।
आरोप है कि अधिकारियों ने सीधे पैसे नहीं लिए। रकम किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से मंगवाई गई।
इसके अलावा, पैसे सुपरिटेंडेंट बुद्धेश्वर सुंडी के घर भेजे गए। इसकी सूचना पहले ही सीबीआई को दे दी गई थी।
इसके बाद सीबीआई इंस्पेक्टर रघुनाथ कुमार के नेतृत्व में छापेमारी हुई। सुबह करीब 11 बजे टीम कार्यालय पहुंची।
दूसरी ओर, अधिकारियों से लंबी पूछताछ की गई। यह कार्रवाई करीब 13 घंटे तक चली।
सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान दबाव बढ़ा। बाद में कथित रिश्वत की राशि भी मंगवाई गई।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि कई दस्तावेजों की भी जांच हुई। सीबीआई ने रिकॉर्ड खंगाले हैं।
फिलहाल, मामले की गहन जांच जारी है। अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है।
वहीं, इस कार्रवाई के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

