==संगठन की मजबूती: प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने किया उद्घाटन
== अमर बाउरी और डॉ. रविन्द्र राय सहित कई दिग्गज वक्ता दे रहे जीत का मंत्र
जमशेदपुर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से लौहनगरी में दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का भव्य आयोजन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक धारदार बनाना और कार्यकर्ताओं की नेतृत्व क्षमता (लीडरशिप स्किल्स) को विकसित करना है। शिविर के पहले दिन जिले भर से पार्टी के दिग्गज पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का जुटान हुआ।
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने किया उद्घाटन
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का विधिवत उद्घाटन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक विचार है। कार्यकर्ताओं का वैचारिक रूप से मजबूत होना और जन-जन तक पार्टी की नीतियों को पहुंचाना ही इस शिविर का मुख्य उद्देश्य है।
12 विषयों पर आयोजित हो रहे हैं विशेष सत्र
इस शिविर को बेहद योजनाबद्ध तरीके से तैयार किया गया है, जिसके तहत कुल 12 महत्वपूर्ण विषयों पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें कार्यकर्ताओं को निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया जा रहा है:
सांगठनिक कार्य: बूथ स्तर पर कमेटियों को सक्रिय और मजबूत करना।
वैचारिक चेतना: पार्टी की मूल विचारधारा और सिद्धांतों की गहरी समझ।
जनसंपर्क: आम जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनना और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना।
सोशल मीडिया और तकनीक: आधुनिक दौर में डिजिटल संवाद को प्रभावी बनाना।
मंच पर जुटे दिग्गज वक्ता
शिविर में कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करने के लिए राज्य स्तर के कई वरिष्ठ नेता और विचारक बतौर वक्ता शामिल हुए हैं। इनमें मुख्य रूप से:नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. दिनेशनंद गोस्वामी, संगठन महामंत्री करमवीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रदीप वर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रविन्द्र राय, वरिष्ठ नेता मृत्युंजय शर्मा
28 मंडलों के कप्तानों की उपस्थिति
इस प्रशिक्षण शिविर की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें जमशेदपुर जिले के सभी 28 मंडलों के अध्यक्ष और महामंत्री अनिवार्य रूप से शामिल हुए हैं।
इनके अलावा पूर्व जिला अध्यक्ष, प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और कई वरिष्ठ कप्तानों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
नेताओं का मानना है कि इस प्रकार के वैचारिक मंथन से निकलने वाला अमृत आने वाले समय में संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
