बहरागोड़ा : कोल्हान के तीनों जिलों में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल के दिनों में हाथियों के हमलों में आधा दर्जन लोगों की जान जा चुकी है, वहीं अब किसानों की मेहनत से तैयार फसलें भी इनके तांडव की भेंट चढ़ रही हैं। ताजा मामला बहरागोड़ा प्रखंड के आँगरीसोल गांव का है, जहां रविवार देर रात आठ जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया।
हाथियों ने गांव के खेतों में घुसकर करीब पांच एकड़ में लगी गरमा धान की तैयार फसल को पूरी तरह रौंद डाला। किसान लाल मोहन मांडी, भूतेश्वर मांडी समेत कई ग्रामीणों की महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो गई। ग्रामीणों के अनुसार हाथियों का झुंड अचानक खेतों में पहुंचा और देखते ही देखते धान की बालियों को तहस-नहस कर दिया।
हाथियों को भगाने के लिए ग्रामीणों ने मशाल, ढोल और पटाखों का सहारा लिया। काफी देर तक ग्रामीण हाथियों को खेतों से बाहर निकालने के लिए संघर्ष करते रहे, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था। किसानों ने बताया कि पिछले कई दिनों से हाथियों का दल इलाके में डेरा जमाए हुए है, जिसके कारण गांवों में भय का माहौल बना हुआ है।
स्थिति ऐसी हो गई है कि किसान अब रात-रात भर जागकर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में और अधिक नुकसान हो सकता है।
इधर सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों के झुंड को पश्चिम बंगाल सीमा की ओर खदेड़ दिया। हालांकि ग्रामीणों में अब भी दहशत कायम है, क्योंकि हाथियों के दोबारा लौटने की आशंका बनी हुई है। किसानों ने प्रशासन और वन विभाग से फसल क्षति का मुआवजा देने तथा हाथियों के आतंक से स्थायी राहत दिलाने की मांग की है।
