पटना : पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में गुरुवार दोपहर बिहार की एनडीए सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन करीब 29 से 30 नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। समारोह दोपहर 12:10 बजे शुरू होगा। यह पहला अवसर है जब बिहार में राजभवन के बाहर गांधी मैदान में मंत्रिमंडल विस्तार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा रहा है।
इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इससे पहले 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में जदयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
बिहार विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद में अधिकतम 36 सदस्य हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक जदयू और भाजपा के हिस्से में 16-16 मंत्री पद आए हैं। संभावित विस्तार में जदयू से 12, भाजपा से 13 या 14, लोजपा (आर) से दो तथा रालोमो और हम (सेक्युलर) से एक-एक विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि तीन से चार पद फिलहाल खाली रखे जाने की भी संभावना जताई जा रही है।
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा जदयू अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर है। माना जा रहा है कि उन्हें भी मंत्री बनाया जा सकता है। बुधवार को इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने नीतीश कुमार के साथ लंबी बैठक की थी।
संभावित मंत्रियों की सूची में जदयू से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, सुनील कुमार, मदन सहनी, जमा खां और निशांत कुमार जैसे नाम शामिल हैं। वहीं भाजपा से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, रामकृपाल यादव, नीतीश मिश्रा और श्रेयसी सिंह को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। इसके अलावा लोजपा (आर), रालोमो और हम (सेक्युलर) के नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
