जमशेदपुर/ नई दिल्ली :: ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव का असर अब भारत की आम जनता की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। कमर्शियल एलपीजी के बाद अब पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। तेल कंपनियों द्वारा बढ़ाए गए दामों के बाद देशभर में महंगाई और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर भी दिखने लगा है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसका सीधा असर भारत में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों पर पड़ा है।
सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में 3.29 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं सीएनजी की कीमत में भी 2 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है, जिसके बाद दिल्ली में सीएनजी 79.09 रुपये प्रति किलो बिक रही है।
देश के प्रमुख महानगरों में कोलकाता में पेट्रोल की कीमत में सबसे ज्यादा 3.29 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। यहां अब पेट्रोल 108.74 रुपये प्रति लीटर हो गया है। मुंबई में पेट्रोल 106.68 रुपये और चेन्नई में 103.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
डीजल की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कोलकाता में डीजल 95.13 रुपये, मुंबई में 93.14 रुपये और चेन्नई में 95.25 रुपये प्रति लीटर हो गया है। ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ने की आशंका है, जिसका असर रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं पर भी पड़ेगा।
तेल कंपनियों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल के कारण उनका मार्जिन प्रभावित हो रहा था और उन्हें हर महीने करीब 30 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा था। अप्रैल महीने में क्रूड ऑयल, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और नेचुरल गैस की कीमतों में तेजी के कारण थोक महंगाई दर भी कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंच गई।
आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में पेट्रोल की महंगाई दर 32.4 फीसदी तक पहुंच गई, जबकि हाई-स्पीड डीजल की महंगाई 25.19 फीसदी दर्ज की गई। इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत भी लगातार बढ़ रही है और यह 107 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई बाधित होने के कारण आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है और उसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है।
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियां, दूध, राशन और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में आम आदमी पर महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पेट्रोल की कीमत-इजाफा
दिल्ली 97.77 _____3 (रुपये )
कोलकाता 108.74___ 3.29(रुपये )
मुंबई 106.68___ 3.14(रुपये )
चेन्नई 103.67___ 2.83 (रुपये )
जमशेदपुर में सुबह 4 बजे से ही लाइन में खड़े नजर आए लोग
प्रशासन भले ही स्थिति काबू में होने का दावा कर रहा है लेकिन स्थिति ठीक इसके उलट है। जमशेदपुर में पेट्रोल-डीजल संकट लगातार तीसरे दिन भी गहराता जा रहा है। ईंधन की कमी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर के कई पेट्रोल पंप बंद पड़े हैं, जबकि जो पंप खुले हैं वहां सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। हालात इतने खराब हैं कि लोग पेट्रोल और डीजल भरवाने के लिए सुबह 4 बजे से ही लाइन में खड़े नजर आए।
इस बीच शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी इजाफा कर दिया गया है। अब शहर में पेट्रोल ₹100.76 प्रति लीटर और डीजल ₹95.68 प्रति लीटर बिक रहा है। इससे पहले पेट्रोल की कीमत ₹97.80 और डीजल ₹92.55 प्रति लीटर थी।
कई पेट्रोल पंपों पर केवल नकद भुगतान के जरिए ही ईंधन दिया जा रहा है, जिससे डिजिटल पेमेंट करने वाले लोगों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थिति को संभालने और बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने प्रमुख पेट्रोल पंपों और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस बल तैनात किया है।
शुक्रवार दोपहर शहर और हाईवे किनारे स्थित पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली। ट्रकों, जेसीबी मशीनों, कारों और मोटरसाइकिलों की लंबी कतारों के कारण कई जगहों पर जाम की स्थिति बन गई। लगातार जारी पेट्रोल-डीजल संकट का असर अब पूरे शहर की रफ्तार पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है।
